5 से 17 अक्टूबर तक बाहरी राज्य की गाड़ियों पर कार्रवाई, नागपुर में भी चेकिंग
परिवहन विभाग राज्यभर में 5 से 17 अक्टूबर तक विशेष मुहिम चलाएगा। महाराष्ट्र में टैक्स बचाने के लिए बाहरी राज्य के नंबर पर चल रही गाड़ियां जांच के दायरे में होंगी।
महाराष्ट्र में बाहरी राज्य के रजिस्ट्रेशन नंबर वाली गाड़ियां चलाकर मोटर व्हीकल टैक्स बचाने वालों पर अब नजर रहेगी। परिवहन विभाग 5 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक पूरे राज्य में विशेष एन्फोर्समेंट मुहिम चलाने जा रहा है।
नागपुर में इस मुहिम का असर खास तौर पर दिखने की उम्मीद है। यहां शहर की सड़कों पर मध्य प्रदेश और तेलंगाना समेत दूसरे राज्यों के नंबर वाली गाड़ियां अक्सर चलती दिखती हैं। जांच टीमें देखेंगी कि ऐसी गाड़ियां तय अवधि से ज्यादा वक्त से महाराष्ट्र में तो नहीं चल रहीं, और उनका जरूरी री-रजिस्ट्रेशन व टैक्स भरा गया है या नहीं।
मोटर व्हीकल एक्ट के मुताबिक दूसरे राज्य में रजिस्टर गाड़ी अगर महाराष्ट्र में एक साल से ज्यादा इस्तेमाल होती है, तो उसका यहां री-रजिस्ट्रेशन कराना और लागू मोटर व्हीकल टैक्स भरना पड़ता है। बाहरी राज्य की गाड़ी राज्य में लाने वाले मालिक को सात दिन के अंदर संबंधित रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (आरटीओ) को तय जानकारी भी देनी होती है।
परिवहन विभाग ने ऐसे मामले पकड़े हैं जिनमें गाड़ी मालिकों ने पुडुचेरी, दमन और झारखंड जैसे राज्यों में, और पड़ोसी राज्यों में भी, अपनी गाड़ियां रजिस्टर कराईं। आरोप है कि कम टैक्स दरों का फायदा उठाने के लिए ऐसा किया गया और फिर गाड़ियां महाराष्ट्र में चलाई गईं।
13 दिन की इस मुहिम में एन्फोर्समेंट स्क्वॉड, फ्लाइंग स्क्वॉड, बॉर्डर चेक पोस्ट की टीमें और संयुक्त टीमें कई जगह जांच करेंगी। महानगरीय और औद्योगिक इलाकों, कमर्शियल और रिहायशी कॉम्प्लेक्स और बड़ी पार्किंग पर खास ध्यान रहेगा, क्योंकि महाराष्ट्र के बाहर रजिस्टर गाड़ियां वहीं मिलने की संभावना है।
अधिकारी रजिस्ट्रेशन के कागजात और दूसरे उपलब्ध सबूतों से पता लगाएंगे कि गाड़ी कितने समय से महाराष्ट्र में इस्तेमाल हो रही है। नियम तोड़ने वाली गाड़ियां डिटेन की जा सकती हैं और मालिकों से बकाया टैक्स के साथ लागू जुर्माना भी वसूला जा सकता है।
नागपुर सिटी के रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर किरण बिडकर ने कहा कि जो गाड़ियां लागू टैक्स भरे बिना एक साल से ज्यादा महाराष्ट्र में चलती पाई जाएंगी, उन्हें नियमों के हिसाब से डिटेन किया जाएगा। बिडकर ने कहा, "विभाग संबंधित गाड़ी मालिकों से बकाया रकम वसूल करेगा।"
उन्होंने यह भी बताया कि इस कार्रवाई में वसूले गए टैक्स और जुर्माने का ब्योरा तैयार करके रोज वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा जाएगा। बिडकर ने महाराष्ट्र में चल रही बाहरी राज्य की गाड़ियों के मालिकों को सलाह दी कि डिटेंशन और दूसरी कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए तय वक्त में री-रजिस्ट्रेशन करा लें और लागू टैक्स भर दें।
माना जा रहा है कि इस मुहिम से महाराष्ट्र में बाहरी राज्य की नंबर प्लेट के बढ़ते इस्तेमाल और टैक्स चोरी से कथित राजस्व नुकसान की तरफ ध्यान जाएगा।