27 सितंबर के लॉन्ग मार्च से पहले इमरान खान की बहन अलीमा खान गिरफ्तार
पाकिस्तान में PTI के लॉन्ग मार्च से ठीक पहले इमरान खान की बहन अलीमा खान को लाहौर से हिरासत में लिया गया, पार्टी ने कार्यकर्ताओं पर भी कार्रवाई का आरोप लगाया।
पाकिस्तान के मशहूर क्रिकेटर और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को 5 अगस्त 2023 को पाकिस्तान में गिरफ्तार किया गया था। आज करीब तीन साल हो गए हैं जब से उन्हें जेल में रखा गया है। इस दौरान उन पर लगे कुछ आरोपों से वो बरी हो चुके हैं, तो कुछ मामले अभी भी कोर्ट में चल रहे हैं।
बीच में जब उनकी तबीयत बिगड़ी थी, तब उनकी रिहाई की मांग तेज हो गई थी। सुनील गावस्कर और कपिल देव समेत दुनिया भर के कई पूर्व क्रिकेटरों ने इमरान खान को अच्छी मेडिकल सुविधा मिले, इसके लिए पाकिस्तान सरकार को चिट्ठियां लिखी थीं।
इसी बीच इमरान खान की पार्टी PTI और पाकिस्तानी नागरिकों ने ऐलान किया कि 27 सितंबर को लॉन्ग मार्च निकाला जाएगा। साथ ही यह भी सामने आया कि इस लॉन्ग मार्च में इमरान खान की बहन शामिल होंगी।
PTI ने पाकिस्तान सरकार पर दबाव बनाने के लिए 27 सितंबर को देशव्यापी आंदोलन और इस्लामाबाद की तरफ लॉन्ग मार्च का ऐलान किया था। इसी मार्च से पहले पंजाब के प्रवक्ता ने बताया कि इमरान खान की बहन अलीमा खान को लाहौर स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर लिया गया है।
इस गिरफ्तारी को लेकर पाकिस्तान सरकार या पुलिस की तरफ से तुरंत कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई। कहा जा रहा है कि अलीमा खान के मार्च में शामिल होने से इमरान खान को पाकिस्तान की जनता की सहानुभूति मिल सकती थी और सरकार के खिलाफ लोगों में गुस्सा बढ़ सकता था, इसी डर से उन्हें गिरफ्तार किया गया।
अलीमा खान की गिरफ्तारी के तुरंत बाद PTI ने अपना विरोध जता दिया। पार्टी की पंजाब यूनिट ने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में उनके कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जा रहा है। PTI ने पहले भी कहा था कि लॉन्ग मार्च की तैयारी के दौरान उनके कार्यकर्ताओं को कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। पार्टी ने इसे पाकिस्तान के लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया है।
इमरान खान पर चल रहे मामलों में सबसे अहम अल कादिर ट्रस्ट केस है, जिसमें उन्हें 14 साल की सजा सुनाई गई है। इस ट्रस्ट के जरिए करीब 7 अरब पाकिस्तानी रुपये की जमीनों का फायदा उठाने का आरोप है, जिसके लिए जनवरी 2025 में इमरान को 14 साल और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को 7 साल की सजा सुनाई गई थी। खान ने ये आरोप खारिज किए हैं।
दूसरा मामला तोषाखाना केस है, यानी सरकारी भेंट का मामला, जिसमें प्रधानमंत्री रहते मिली महंगी भेंट-वस्तुओं की सही जानकारी न देने और उन्हें बेचने का आरोप है। 2023 में इस मामले में 3 साल की सजा हुई थी, जिसे बाद में रोक दिया गया और फिलहाल सजा को लेकर अपील की प्रक्रिया चल रही है।
तीसरा साइफर केस है, जिसमें अमेरिका में तैनात पाकिस्तानी राजदूत की तरफ से इस्लामाबाद भेजे गए एक गोपनीय राजनयिक संदेश के दुरुपयोग का आरोप लगा था। 2024 में इसमें दस साल की सजा हुई थी, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया।
चौथा मामला गैरकानूनी शादी का है, जिसमें इमरान खान और बुशरा बीबी की 2018 की शादी में इस्लामी इद्दत की अवधि का पालन न करने का आरोप लगाया गया था। इसमें दोनों को 7-7 साल की सजा हुई थी, जिसके बाद बाद में दोनों बरी कर दिए गए।