मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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19:47 IST

2 अक्टूबर को 'नो UPI डे', UPI पर प्रस्तावित फीस के खिलाफ व्यापारी

व्यापारी संगठनों ने UPI पर प्रस्तावित 0.4% MDR फीस के विरोध में 2 अक्टूबर को UPI पेमेंट बंद रखने और QR कोड काले कपड़े से ढकने का आह्वान किया है।

2 अक्टूबर को 'नो UPI डे', UPI पर प्रस्तावित फीस के खिलाफ व्यापारी
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

देशभर के कई व्यापारी संगठनों ने 2 अक्टूबर को 'नो UPI डे' मनाने का आह्वान किया है। वजह है UPI लेन-देन पर प्रस्तावित 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) फीस। कई व्यापारी उस दिन UPI से पेमेंट लेना बंद करने की तैयारी में हैं और ग्राहकों से सिर्फ कैश में लेन-देन करेंगे। विरोध के निशान के तौर पर वे अपनी दुकानों पर लगे QR कोड को काले कपड़े से ढकने की भी योजना बना रहे हैं।

बताया जा रहा है कि सरकार 15 अक्टूबर से व्यापारियों के लिए 2,000 रुपये से ऊपर के UPI लेन-देन पर 0.4% फीस लगाने जा रही है। हालांकि दो व्यक्तियों के बीच होने वाले पीयर-टू-पीयर (P2P) लेन-देन और छोटे पेमेंट पर यह फीस लागू नहीं होगी। व्यापारी संगठनों का कहना है कि इस फीस का सीधा असर व्यापारियों पर पड़ेगा।

नाग विदर्भ चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष स्वप्निल अहिरकर ने कहा कि UPI पर MDR का मुद्दा कुछ व्यापारियों ने उठाया है। चेंबर की सालाना आम सभा 30 सितंबर को होगी। उसमें इस पर चर्चा करके फैसला लिया जाएगा।

नागपुर चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष कैलाश जोगानी ने बताया कि व्यापारी UPI फीस का विरोध कर रहे हैं। संगठन ने व्यापारियों से अपील की है कि वे 2 अक्टूबर को अपनी दुकानों के QR कोड काले कपड़े से ढककर अपना विरोध दर्ज कराएं।

नागपुर चिल्लर किराना रिटेलर्स एसोसिएशन के सचिव ज्ञानेश्वर रक्षक ने कहा कि UPI फीस का विरोध जायज है। उनके मुताबिक अभी छुट्टे पैसों की किल्लत है, ऐसे में UPI व्यापारी और ग्राहक, दोनों के लिए सुविधाजनक तरीका बन गया है। इस हालत में व्यापारियों पर एक्स्ट्रा फीस का बोझ डालना उचित नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा, "कोई भी व्यापारी यह फीस अपनी जेब से नहीं देना चाहेगा।"

व्यापारियों के इस विरोध का असर 2 अक्टूबर को कई बाजारों में UPI पेमेंट पर पड़ने की उम्मीद है।

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