12 अक्टूबर को महाराष्ट्र में बारिश नहीं, उमस और ऑक्टोबर हीट का असर बना रहेगा
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अंदाज़े के मुताबिक राज्य के ज़्यादातर जिलों के लिए कोई खास अलर्ट नहीं है, पर तापमान और उमस बने रहेंगे।
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महाराष्ट्र में अक्टूबर हीट का असर दिन-ब-दिन बढ़ रहा है और धूप की तेज़ झुलस से लोग परेशान हैं। राज्य के ज़्यादातर हिस्सों में बारिश ने आराम ले लिया है और गर्म, सूखा मौसम महसूस हो रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अंदाज़े के मुताबिक 12 अक्टूबर को राज्य के ज़्यादातर जिलों के लिए कोई खास मौसम अलर्ट जारी नहीं किया गया है। लेकिन तापमान में बढ़ोतरी और उमस बने रहने की संभावना है, इसलिए लोगों को धूप का सामना करना पड़ेगा।
कोंकण के जिलों यानी मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग में फिलहाल गर्म और उमस भरे मौसम का असर है। इससे पहले कोंकण के कुछ हिस्सों के लिए गर्मी का येलो अलर्ट दिया गया था। मगर 12 अक्टूबर को कोई खास अलर्ट न होने का अंदाज़ा है। यहां ज़्यादा से ज़्यादा तापमान करीब 36 डिग्री और कम से कम तापमान करीब 23 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। इसलिए बारिश का इंतज़ार कर रहे लोगों को उमस से राहत मिलने की उम्मीद कम है।
उत्तर महाराष्ट्र के धुले, नंदुरबार, जलगांव और नाशिक जिलों में मुख्य रूप से सूखा मौसम रहने का अंदाज़ा है। यहां कोई खास मौसम चेतावनी नहीं है और ज़्यादा से ज़्यादा तापमान 33 से 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। दिन में धूप की चुभन के साथ कुछ जगहों पर उमस की भी परेशानी हो सकती है। इसलिए लोगों को दोपहर के वक्त धूप में ज़्यादा देर रहने से बचना चाहिए।
पश्चिम महाराष्ट्र के पुणे, सातारा, सांगली, कोल्हापुर और सोलापुर जिलों में भी मौसम ज़्यादातर सूखा रहने की संभावना है। इस हिस्से में कोई खास अलर्ट नहीं है और ज़्यादा से ज़्यादा तापमान 32 डिग्री, कम से कम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अंदाज़ा है। बारिश न होने से किसानों और आम लोगों की नज़र मौसम के बदलाव पर टिकी है। फिर भी मौजूदा अंदाज़े के हिसाब से अभी बड़ी बारिश के साफ़ संकेत नहीं दिख रहे।
मराठवाड़ा के छत्रपति संभाजीनगर, जालना, परभणी, बीड, हिंगोली, नांदेड़, लातूर और धाराशिव जिलों में सूखा मौसम रहने की संभावना है। यहां ज़्यादा से ज़्यादा तापमान 35 से 37 डिग्री और कम से कम तापमान 20 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। कोई खास अलर्ट न होने पर भी बढ़ती गर्मी से लोगों को तकलीफ़ झेलनी पड़ सकती है। बारिश की कमी से जो इलाके पहले ही पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं, वहां हालात को लेकर चिंता बनी हुई है।
विदर्भ के नागपुर, अमरावती, अकोला, वर्धा, यवतमाल, बुलढाणा, वाशिम, भंडारा, गोंदिया, चंद्रपुर और गडचिरोली जिलों में भी ज़्यादातर सूखा मौसम रहने की संभावना है। अगले 4 से 5 दिन गर्मी का असर महसूस हो सकता है। यहां ज़्यादा से ज़्यादा तापमान 33 से 34 डिग्री और कम से कम तापमान 22 से 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अंदाज़ा है।
कुल मिलाकर 12 अक्टूबर को महाराष्ट्र में बारिश से ज़्यादा चर्चा अक्टूबर हीट और बढ़ती उमस की रहने की संभावना है। लोगों को भरपूर पानी पीना चाहिए, दोपहर की कड़ी धूप में बेवजह बाहर निकलने से बचना चाहिए और धूप से बचाव के लिए ज़रूरी एहतियात बरतना चाहिए। मौसम की ताज़ा जानकारी के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की आधिकारिक सूचनाओं पर नज़र रखना ज़रूरी है।