112 नंबर पर झूठी हत्या की सूचना देना पड़ा भारी, हुड़केश्वर पुलिस ने केस दर्ज किया
नागपुर के हुड़केश्वर इलाके में एक शख्स ने भाई द्वारा चाकू से हत्या करने की झूठी सूचना डायल 112 पर बार-बार दी, जांच में मामला फर्जी निकला और पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया।
नागपुर के हुड़केश्वर इलाके से पुलिस को गुमराह करने का एक अजीब मामला सामने आया है। एक शख्स ने डायल 112 पर एक-दो बार नहीं बल्कि लगातार 7 से 8 बार फोन करके दावा किया कि उसके भाई ने चाकू मारकर उसकी हत्या कर दी है। पुलिस ने इस सूचना को गंभीरता से लिया और तुरंत मौके पर टीम भेज दी, लेकिन जब जांच शुरू हुई तो पूरी कहानी झूठी निकली। इसके बाद पुलिस ने झूठी सूचना देने वाले शख्स के खिलाफ केस दर्ज कर दिया।
यह घटना 18 सितंबर की रात करीब 8 बजे की बताई जा रही है। श्रीकृष्ण नगर, हुड़केश्वर में रहने वाले 40 साल के श्याम भाऊराव जानोरकर ने डायल 112 पर बार-बार कॉल किया। फोन पर उसने पुलिस को यह बताया कि उसका भाई चाकू से उस पर हमला कर चुका है या हमला करने वाला है, और उसकी हत्या हो गई है।
चाकू से हमले और हत्या जैसी संगीन सूचना मिलते ही हुड़केश्वर पुलिस स्टेशन ने फौरन कार्रवाई शुरू कर दी। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अनामिका मिर्जापुरे के निर्देश पर एक टीम मौके के लिए रवाना हुई, जिसमें उपनिरीक्षक प्रवीण बाकरे, पुलिसकर्मी रविदत्त तांबे, आशीष और बीट मार्शल हवलदार सोमेश्वर बुलबुले शामिल थे।
लेकिन मौके पर पहुंचकर जब पुलिस ने पूछताछ शुरू की तो कहानी में कई झोल नजर आए। श्याम जानोरकर पुलिस के सवालों का कोई ठीक-ठाक जवाब नहीं दे पाया और पूछताछ के दौरान इधर-उधर की बातें करके टालमटोल करता रहा। जांच में न तो चाकू से हमले का कोई निशान मिला और न ही हत्या जैसी कोई वारदात हुई थी। यानी जो सूचना दी गई थी, वह पूरी तरह बनावटी थी।
पुलिस को साफ हो गया कि डायल 112 पर जानबूझकर झूठी सूचना दी गई ताकि पुलिस प्रशासन को गुमराह किया जा सके। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अनामिका मिर्जापुरे की देखरेख में उपनिरीक्षक प्रवीण बाकरे ने हवलदार सोमेश्वर बुलबुले की शिकायत के आधार पर श्याम जानोरकर के खिलाफ बीएनएस की धारा 217 के तहत मामला दर्ज किया।
पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। कुल मिलाकर, हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस बिना देर किए मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन जांच में सब कुछ झूठा साबित हुआ। अब झूठी सूचना देकर पुलिस का समय और संसाधन बर्बाद करने के आरोप में संबंधित शख्स के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है।