शनिवार वाड़ा पर 38,233 दीयों से लिखा गया 'वंदे मातरम', पुणे के नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
वंदे मातरम के 150 साल और दिवाली पर पुणे महानगरपालिका के दीपोत्सव में 30 मिनट के भीतर 38,233 दीये जलाए गए। इसके साथ ही पुणे का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो गया।
पुणे में शनिवार को शनिवार वाड़ा हजारों दीयों की रोशनी से जगमगा उठा। राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के 150 साल पूरे होने और दिवाली के मौके पर हुए इस आयोजन में सिर्फ 30 मिनट के भीतर 38,233 दीये जलाकर 'वंदे मातरम' शब्द बनाए गए। इसी के साथ यह आयोजन गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो गया। पुणे, 8 नवंबर 2026 की इस खबर में देशभक्ति और युवाओं की भागीदारी साफ दिखी।
यह खास दीपोत्सव पुणे महानगरपालिका ने दिवाली और वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर कराया। इसकी परिकल्पना पुणे की मेयर मंजूषा नागपुरे की थी। शुरुआत में लक्ष्य एक साथ 36,000 से ज्यादा दीये जलाकर विश्व रिकॉर्ड बनाने का रखा गया था। आखिर में गिनती 38,233 तक पहुंच गई।
शनिवार वाड़ा के सामने के आंगन में दीयों की बड़ी और सधी हुई सजावट की गई थी। तय समय पर स्वयंसेवकों ने दीये जलाने शुरू किए, तो ऐतिहासिक परिसर धीरे-धीरे हजारों दीयों की रोशनी से भर गया और पूरे माहौल में त्योहार का रंग घुल गया। करीब 250 युवा स्वयंसेवकों ने एक साथ दीये जलाए। इस आयोजन में जेन ज़ी के युवाओं की भूमिका बड़ी रही।
कार्यक्रम में देशभक्ति के गीत गूंजे और सैन्य बैंड की प्रस्तुतियों ने समारोह की शान बढ़ाई। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम ने दीयों की सजावट और उन्हें जलाने की पूरी प्रक्रिया की जांच की, उसके बाद रिकॉर्ड की आधिकारिक पुष्टि की।
रिकॉर्ड का ऐलान होते ही ऐतिहासिक स्मारक पर जश्न शुरू हो गया। वहां मौजूद प्रतिभागियों और आए हुए लोगों ने जोरदार तालियों के साथ 'वंदे मातरम' और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए।
कार्यक्रम के तहत शहीद सैनिकों की माताओं और पत्नियों का सम्मान भी किया गया। देश के लिए उनके बलिदान और योगदान को याद करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में केंद्रीय नगर विकास राज्य मंत्री माधुरी मिसाल, विधायक हेमंत रासने, उप महापौर परशुराम वाडेकर, स्थायी समिति के अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले, अतिरिक्त निगम आयुक्त ओमप्रकाश दिवटे और प्रजीत नायर, पुणे कैंटोनमेंट बोर्ड के अध्यक्ष ब्रिगेडियर तरुनेश, कर्नल विकास सावलगे, कर्नल श्रीनिवास कटवलेकर, कौशिक कोठिया, कृष्णकुमार गोयल, राजेश मित्तल और कर्नल राजेश कुमार जिंदल मौजूद रहे।
मेयर मंजूषा नागपुरे ने कहा कि वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर पुणे महानगरपालिका ने दीपोत्सव के जरिए विश्व रिकॉर्ड बनाने का संकल्प लिया था। उन्होंने इस पहल की कामयाबी का श्रेय जेन ज़ी के स्वयंसेवकों की भागीदारी को दिया। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी पहल से विश्व रिकॉर्ड बनाने वाली पुणे महानगरपालिका देश की इकलौती स्थानीय स्वशासन संस्था है।


कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।