सांगली जिला बैंक चुनाव: कवठे महाकाल में घोरपडे ने टी. व्ही. पाटील को 4 वोट से हराया
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सांगली जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के नतीजे आ गए हैं। कवठे महाकाल में शरद पवार गुट के उम्मीदवार हारे, जत में गोपीचंद पडळकर जीते।
सांगली जिला मध्यवर्ती बैंक के चुनाव के नतीजे सामने आ गए हैं और कई सीटों पर उलटफेर देखने को मिला है। सबसे ज्यादा चर्चा कवठे महाकाल सोसायटी गुट की है, जहां पूर्व मंत्री अजितराव घोरपडे जीते हैं। उन्होंने शरद पवार गुट के उम्मीदवार टी. व्ही. पाटील को हराया।
वोटों का हिसाब देखें तो घोरपडे को 37 वोट मिले, जबकि टी. व्ही. पाटील को 33 वोट मिले। यानी जीत का फर्क सिर्फ 4 वोट का रहा। इस हार से शरद पवार गुट में हलचल मच गई है। बताया जा रहा है कि पाटील ने जीत के लिए काफी फील्डिंग लगाई थी और उनके जीतने का अंदाजा भी लगाया जा रहा था। लेकिन कांटे की टक्कर में उन्हें हार माननी पड़ी।
मिरज सोसायटी गुट का नतीजा अलग रहा। यहां कांग्रेस के अण्णासाहेब कोरे जीते हैं, जो सांसद विशाल पाटील के करीबी समर्थक हैं। उन्होंने भाजपा विधायक सुरेश खाडे के समर्थक अनिल शेगुनशे को हराया।
जत सोसायटी गुट में भाजपा विधायक गोपीचंद पडळकर की जीत हुई। उन्हें 54 वोट मिले और महाविकास आघाड़ी के विनोद पवार को 34 वोट मिले। इस तरह पडळकर 20 वोट से जीते। पडळकर और विनोद पवार के बीच की इस टक्कर पर पूरे महाराष्ट्र की नजर थी। नतीजे के बाद मतगणना केंद्र पर पडळकर के समर्थकों ने जश्न मनाया। इस जीत के साथ पडळकर की जिला बैंक में दमदार एंट्री हुई है।
पडळकर की जीत पर विधायक सदाभाऊ खोत ने प्रतिक्रिया दी। खोत ने कहा कि स्थापित लोगों के मजबूत किले में पडळकर की जीत से दरार पड़ गई है। उनके मुताबिक वाळवा के नेता ने जिला बैंक को अलिबाबा की गुफा बना दिया था, लेकिन उस गुफा की टोली का बंदोबस्त करने के लिए "हमारा बाघ" आ गया है। खोत ने यह भी कहा कि वाळवा के गब्बर सिंह को अब सावधान हो जाना चाहिए।
इसी प्रतिक्रिया में खोत ने शरद पवार गुट के नेता जयंत पाटील पर निशाना साधा। इस बारे में जयंत पाटील की ओर से कोई जवाब खबर में नहीं दिया गया है।
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