रणबीर कपूर और यश की रामायण पहले दिन रिलीज, दर्शकों की राय बँटी हुई
नितेश तिवारी की रामायण: राइज़ ऑफ़ अ लेजेंड 5 नवंबर को थिएटरों में पहुंची। भव्यता और अभिनय की तारीफ हुई, रफ्तार और संगीत पर सवाल उठे।
महीनों के इंतज़ार के बाद नितेश तिवारी की फिल्म रामायण: राइज़ ऑफ़ अ लेजेंड 5 नवंबर को थिएटरों में रिलीज हो गई। देश की सबसे जानी-पहचानी महागाथाओं में से एक को इस फिल्म में बड़े पैमाने पर बड़े परदे पर उतारा गया है। प्रीव्यू स्क्रीनिंग और पहले दिन के शो देखने वाले दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर अच्छी-खासी चर्चा शुरू हो गई है।
फिल्म में रणबीर कपूर राम बने हैं, साई पल्लवी सीता, यश रावण और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका में हैं। इनके अलावा कास्ट में कुणाल कपूर और सनी देओल भी हैं।
शुरुआती प्रतिक्रिया में ज़्यादातर लोगों ने फिल्म की विज़ुअल भव्यता की तारीफ की है। कई दर्शकों ने इसे बड़े परदे का तमाशा बताया। उनके मुताबिक विज़ुअल इफेक्ट्स, बड़े-बड़े सीक्वेंस और कलाकारों का अभिनय खास तौर पर उभरकर आए। यश के रावण वाले किरदार पर लोगों का ध्यान गया है। रणबीर के अभिनय और राम-सीता के भावुक पलों को भी अच्छी प्रतिक्रिया मिली है।
हालांकि सबकी राय एक जैसी नहीं है। कुछ दर्शकों ने फिल्म की असमान रफ्तार की ओर इशारा किया है। उनका कहना है कि फिल्म काफी लंबी है और कहानी कहने के कुछ हिस्से और कसे हुए हो सकते थे। संगीत और कुछ एक्शन सीक्वेंस की भी आलोचना हुई है। इससे लगता है कि फिल्म की भव्यता हर बार उतने ही दमदार कहानी-अनुभव में नहीं बदल पाती।
रिलीज से पहले आए अपने रिव्यू में द गार्डियन के अंतरराष्ट्रीय समीक्षक पीटर ब्रैडशॉ ने फिल्म को दिलचस्प और शानदार महाकाव्य बताया। उन्होंने इसके विज़ुअल स्केल और कहानी कहने की तारीफ की। दर्शकों की मिली-जुली राय के बीच उनका आकलन ज़्यादा सकारात्मक नज़रिया पेश करता है।
फिल्म का संगीत हंस ज़िमर और ए.आर. रहमान ने दिया है। यह दो हिस्सों में बनने वाली योजना की पहली किस्त है। अब सबकी नज़र इस पर रहेगी कि दर्शक इस महत्वाकांक्षी प्रस्तुति को भारतीय सिनेमा की सबसे ज़्यादा इंतज़ार वाली परियोजनाओं में से एक की उम्मीदों पर खरा मानते हैं या नहीं।
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