पुणे प्लांट से निकली भारत में बनी पहली इलेक्ट्रिक GLC, फडणवीस रहे मौजूद
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मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने पुणे के अपने प्लांट में ऑल-इलेक्ट्रिक GLC SUV का रोलआउट किया।
मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने बुधवार को पुणे में अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से भारत में बनी ऑल-इलेक्ट्रिक GLC SUV का रोलआउट किया। यह कार्यक्रम 4 नवंबर 2026 को हुआ। इसमें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार शामिल हुए। उनके साथ मर्सिडीज-बेंज AG के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के सदस्य भी मौजूद थे।
कंपनी के मुताबिक यह रोलआउट मर्सिडीज-बेंज इंडिया के लिए एक अहम पड़ाव है। कंपनी अपना इलेक्ट्रिक वाहनों का पोर्टफोलियो बढ़ा रही है और स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग व तकनीकी इनोवेशन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत कर रही है।
मर्सिडीज-बेंज ग्रुप AG के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के चेयरमैन ओला कालेनियस ने कहा कि भारत कंपनी के लिए अहम बाजार है और यहां बढ़त की काफी गुंजाइश है। उन्होंने कहा, "भारत हमारे लिए बहुत अहम बाजार है, और हमें आगे जबरदस्त संभावना दिखती है। ग्राहकों की एक नई पीढ़ी मर्सिडीज-बेंज को चुन रही है, और हम उन्हें अपना अब तक का सबसे मजबूत प्रोडक्ट पोर्टफोलियो दे रहे हैं।"
कालेनियस ने यह भी कहा कि इलेक्ट्रिक GLC में GLC से जुड़ा डिज़ाइन, आराम और इनोवेशन इलेक्ट्रिक परफॉर्मेंस के साथ मिलता है। उन्हें भरोसा है कि यह नया मॉडल अपने सेगमेंट में मानक ऊंचे करेगा और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को ज्यादा पसंदीदा बनाएगा।
मर्सिडीज-बेंज ग्रुप AG के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के सदस्य और डेवलपमेंट व प्रोक्योरमेंट के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर डॉ. योअर्ग बुर्ज़र ने कंपनी के ग्लोबल रिसर्च एंड डेवलपमेंट नेटवर्क में भारत की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "भारत मर्सिडीज-बेंज के लिए रणनीतिक तौर पर अहम है, एक बड़े बाजार के रूप में भी और अंतरराष्ट्रीय R&D नेटवर्क के अहम हिस्से के रूप में भी। MB.OS से चलने वाली ऑल-इलेक्ट्रिक GLC हमारे नवीनतम डिजिटल इनोवेशन भारतीय ग्राहकों तक लाती है और एक सहज, सीमलेस और गहराई से जुड़ा अनुभव देती है।"
बुर्ज़र ने यह भी बताया कि भारत के इंजीनियर ऐसी तकनीकों में योगदान दे रहे हैं जो दुनिया भर में मर्सिडीज-बेंज का भविष्य गढ़ेंगी।
मर्सिडीज-बेंज इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO संतोष अय्यर ने इस रोलआउट को देश में कंपनी के सफर का एक अहम क्षण बताया। उन्होंने कहा, "महाराष्ट्र के माननीय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मर्सिडीज-बेंज AG के बोर्ड सदस्यों के साथ इलेक्ट्रिक GLC का रोलआउट भारत में मर्सिडीज-बेंज के इतिहास का एक निर्णायक क्षण है।"
अय्यर के मुताबिक कंपनी के सुपरवाइजरी बोर्ड और बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के सदस्यों का भारत में मौजूद होना इस देश की रणनीतिक अहमियत को दिखाता है। उन्होंने कहा कि मर्सिडीज-बेंज अपने प्रोडक्ट और सर्विस के जरिए भारतीय ग्राहकों के प्रति प्रतिबद्ध है और साथ ही अर्थव्यवस्था व स्थानीय समुदायों में भी योगदान देती रहेगी।
मर्सिडीज-बेंज इंडिया के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और हेड ऑफ ऑपरेशंस व्यंकटेश कुलकर्णी ने कहा कि इलेक्ट्रिक GLC के साथ कंपनी की MB.OS आर्किटेक्चर देश में बनने वाले उसके पोर्टफोलियो में आ रही है। उन्होंने कहा, "इलेक्ट्रिक GLC का रोलआउट मर्सिडीज-बेंज इंडिया के लिए गर्व और निर्णायक क्षण है। अपने पहले सॉफ्टवेयर टर्मिनल के साथ हम अपने समझदार भारतीय ग्राहकों के लिए स्थानीय स्तर पर बनी गाड़ियों में MB.OS आर्किटेक्चर ला रहे हैं, और GLC-BEV इसमें सबसे पहली है।"
कुलकर्णी ने कंपनी के टिकाऊ और तकनीक-आधारित मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस की भी बात की। इसमें शॉपफ्लोर की प्रक्रियाओं में AI का इस्तेमाल और एक साल के भीतर सोलर क्षमता में 70 प्रतिशत की बढ़ोतरी शामिल है।
इलेक्ट्रिक GLC को मर्सिडीज-बेंज इंडिया के इलेक्ट्रिक वाहन पोर्टफोलियो में एक अहम जोड़ के रूप में पेश किया गया है। इसमें स्थानीय स्तर पर निर्माण के साथ कंपनी का नवीनतम सॉफ्टवेयर और डिजिटल तकनीक एक साथ मिलती है।
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