पुणे नगर निगम नए जुड़े गांवों के लिए 2,000 करोड़ के काम की तैयारी में, वर्ल्ड बैंक से कर्ज पर नज़र
पुणे महानगरपालिका नए जुड़े गांवों और शहर के दूसरे हिस्सों में करीब 2,000 करोड़ रुपये के इन्फ्रास्ट्रक्चर काम की योजना बना रही है और इसके लिए कर्ज के विकल्प देख रही है।
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पुणे महानगरपालिका (PMC) नए जुड़े गांवों और शहर के कुछ दूसरे इलाकों के लिए करीब 2,000 करोड़ रुपये के इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की योजना बना रही है। इन कामों के लिए पैसा जुटाने को केंद्र सरकार के अर्बन चैलेंज फंड के तहत कर्ज के रास्ते भी तलाशे जा रहे हैं।
म्युनिसिपल कमिश्नर नवल किशोर राम ने शुक्रवार को बताया कि एक बड़े बैंक से 7.3 प्रतिशत ब्याज दर पर कर्ज मिलने की गुंजाइश बन गई है। नगर निगम इस दर को और नीचे लाने के लिए बातचीत करेगा।
प्रस्तावों में सबसे बड़ा हिस्सा पानी की सप्लाई का है। नए जुड़े गांवों के लिए 890 करोड़ रुपये का वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट रखा गया है। पुराने सिविक लिमिट में 304 तय जगहों पर करीब 400 करोड़ रुपये के बाढ़ नियंत्रण काम भी प्रस्ताव में हैं। इसके अलावा जुड़े हुए इलाकों में सीवेज मैनेजमेंट का ढांचा खड़ा करने की भी योजना है।
शुक्रवार को वर्ल्ड बैंक ग्रुप और इंटरनेशनल फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IFC) का एक वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल नगर निगम पहुंचा। इसकी अगुवाई पानी के क्षेत्रीय प्रैक्टिस डायरेक्टर मारा वारविक कर रही थीं। प्रतिनिधिमंडल शहर के इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिए संभावित आर्थिक मदद, तकनीकी सहयोग और संस्थागत क्षमता बढ़ाने पर बात करने आया था।
राम के मुताबिक नगर निगम प्रशासन ने अपने प्रोजेक्ट प्रस्ताव प्रतिनिधिमंडल के सामने रखे और उन्हें अच्छा रिस्पॉन्स मिला। इन प्रोजेक्ट के लिए केंद्र और राज्य सरकार से आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद है। बाकी खर्च के लिए नगर निगम को खुद कर्ज लेना होगा।
12 जुड़े गांवों के लिए प्रस्तावित वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट से शुरू में करीब चार लाख लोगों को फायदा होने की उम्मीद है। साल 2052 तक यह संख्या बढ़कर 7.78 लाख होने का अनुमान है। इसी वजह से इन इलाकों का पानी का नेटवर्क मजबूत करने में यह प्रोजेक्ट अहम माना जा रहा है।
शहर में बाढ़ जैसे हालात कम करने के लिए नगर निगम ने 304 जगहों पर बाढ़ रोकने के काम की योजना भी रखी। इसका अनुमानित खर्च 400 करोड़ रुपये है।
जुड़े हुए गांवों में सीवेज के लिए नगर निगम सात सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और करीब 357 किलोमीटर लंबी सीवेज पाइपलाइन का नेटवर्क बनाने का प्रस्ताव रख रहा है।
बैठक में अतिरिक्त म्युनिसिपल कमिश्नर पवनीत कौर ने अर्बन चैलेंज फंड के तहत बने प्रस्ताव पेश किए। नगर निगम प्रशासन जुड़े इलाकों में इन्फ्रास्ट्रक्चर का काम जल्दी आगे बढ़ाने के लिए फाइनेंसिंग के विकल्प देख रहा है, ताकि कर्ज की लागत भी कम रहे।
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