स्वारगेट-कात्रज मेट्रो: पहली टीबीएम पुणे पहुंची, जनवरी में शुरू होगी सुरंग की खुदाई
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पिंपरी चिंचवड-स्वारगेट मेट्रो के कात्रज तक भूमिगत विस्तार का काम जनवरी में शुरू होने की उम्मीद है।
पुणे, 4 नवंबर 2026: पिंपरी चिंचवड-स्वारगेट मेट्रो कॉरिडोर को कात्रज तक ले जाने वाले भूमिगत विस्तार का काम जनवरी में शुरू होने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट के लिए चार टनल बोरिंग मशीन (TBM) चाहिए, जिनमें से पहली मशीन अब पुणे पहुंच गई है।
यह मशीन तभी सुरंग खोदने के काम में लगेगी, जब स्वारगेट का लॉन्चिंग शाफ्ट तैयार हो जाएगा। शाफ्ट तैयार होते ही टीबीएम को वहां जोड़ा यानी असेंबल किया जाएगा और फिर उसे नीचे उतारकर खुदाई शुरू होगी।
स्वारगेट से कात्रज तक का 5.46 किलोमीटर का पूरा हिस्सा जमीन के नीचे रहेगा। सुरंग की खुदाई दोनों सिरों से एक साथ होगी। दो टीबीएम स्वारगेट की तरफ से और दो कात्रज की तरफ से काम करेंगी। चारों मशीनों के पद्मावती में आकर मिलने की उम्मीद है।
रास्ते में चट्टानी जमीन है, इसलिए महामेट्रो ने हर टीबीएम से रोजाना करीब 10 मीटर सुरंग खोदने का लक्ष्य रखा है। महामेट्रो के मुताबिक यह लक्ष्य मेट्रो के पहले चरण के निर्माण में मिले अनुभव पर टिका है। ये मशीनें जमीन की सतह से करीब 28 मीटर नीचे काम करेंगी।
भूमिगत निर्माण के लिए जरूरी लॉन्चिंग शाफ्ट का काम पहले से चल रहा है। मार्केट यार्ड स्टेशन पर शाफ्ट की खुदाई शुरू हो चुकी है। इन शाफ्ट के जरिए सुरंग बनाने और बाकी निर्माण के लिए जरूरी मशीनरी और उपकरण नीचे उतारे जाएंगे।
इस विस्तार से मेट्रो सीधे कात्रज तक पहुंचेगी, जिससे दक्षिण पुणे में मेट्रो की पहुंच बेहतर होने की उम्मीद है। कात्रज, मार्केट यार्ड और पद्मावती के यात्रियों को बढ़े हुए नेटवर्क का फायदा मिलेगा। साथ ही शहर के दक्षिणी हिस्सों में ट्रैफिक की भीड़ कम होने में भी इससे मदद मिलने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, जनवरी में काम शुरू होना स्वारगेट के शाफ्ट के तैयार होने पर टिका है। पहली मशीन शहर में आ चुकी है, बाकी तीन टीबीएम की जरूरत इस प्रोजेक्ट को पड़ेगी, क्योंकि दोनों सिरों से चार मशीनें एक साथ चलाने की योजना है।
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