सोम‌वार, 26 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
AQI 312 | Very Poor 15:52 IST

पुणे में 22 महिलाओं का सम्मान, तकनीक से पर्यावरण तक के कामों को सराहा गया

विमान नगर के नोवोटेल होटल में हुए वुमन ऑफ पुणे अवॉर्ड्स 2026 में एआई, स्वास्थ्य, शिक्षा, कारोबार, कानून, कला और पर्यावरण से जुड़ी 22 महिलाओं को सम्मानित किया गया।

पुणे में 22 महिलाओं का सम्मान, तकनीक से पर्यावरण तक के कामों को सराहा गया तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

पुणे, 26 अक्टूबर 2026: शहर में "वुमन ऑफ पुणे - लीडरशिप, इम्पैक्ट एंड एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2026" के तहत 22 महिलाओं को सम्मानित किया गया। ये महिलाएं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्यमिता, कानून, सांस्कृतिक विरासत, पशु कल्याण और पर्यावरण संरक्षण जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में काम करती हैं। समारोह 23 अक्टूबर 2026 को विमान नगर के नोवोटेल होटल में हुआ। संचालन सलोनी महाडिक ने किया।

आयोजकों के मुताबिक ये पुरस्कार सिर्फ पेशेवर कामयाबी के लिए नहीं थे। समाज को मजबूत करने, मौके बढ़ाने, पारंपरिक ज्ञान को बचाने और सामाजिक व पर्यावरण की चुनौतियों से निपटने की लगातार कोशिशों को भी सराहा गया। सम्मान पाने वालों में टेक्नोलॉजी लीडर, डॉक्टर, शिक्षक, उद्यमी, वकील, कलाकार और जमीनी स्तर पर बदलाव लाने वाली महिलाएं शामिल थीं। समारोह के टाइटल स्पॉन्सर Oxyrich, गिफ्टिंग पार्टनर Pure Elements और प्रोडक्शन पार्टनर Zeal Advertising थे।

पुणे महानगरपालिका (PMC) की अतिरिक्त आयुक्त पावनीत कौर, IAS मुख्य अतिथि थीं। आयोजक संस्था के संस्थापक अमित सिंह ने Rise n' Shine Nursery की ओर से दिया गया तुलसी का पौधा भेंट कर उनका स्वागत किया। कौर ने कहा कि लैंगिक समानता की तरफ सच्ची तरक्की के लिए सबको मिलकर काम करना होगा, पुराने जमे हुए पूर्वाग्रह तोड़ने होंगे और ऐसा माहौल बनाना होगा जिसमें महिलाएं असाधारण त्याग किए बिना आगे बढ़ सकें।

कौर ने कहा, "सच्चा नेतृत्व सिर्फ अपने लिए ग्लास सीलिंग तोड़ना नहीं है, बल्कि हमारे बाद आने वाली हर महिला के लिए दरवाजे खोलना है। अगर आपका सफर एक भी छोटी बच्ची को बिना झिझक सपने देखने की हिम्मत दे दे, तो वहीं हमारी असली सामूहिक कामयाबी है।" उन्होंने यह भी कहा कि लैंगिक समानता सिर्फ महिलाओं का मुद्दा नहीं है, यह पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की बात याद दिलाई कि किसी समुदाय की तरक्की उसकी महिलाओं की तरक्की से नापी जाती है, क्योंकि एक महिला को आगे बढ़ाने से पूरा परिवार और पूरा समुदाय आगे बढ़ता है।

आयोजक संस्था के सह-संस्थापक और प्रबंध संपादक मुबारक अंसारी ने कहा कि स्थानीय पत्रकारिता का काम सिर्फ समस्याएं बताना नहीं है, उसे बेहतरी के लिए काम करने वालों को भी पहचानना चाहिए। उनके मुताबिक, "पुणे की तरक्की सिर्फ इमारतों, कारोबार या बढ़ती सड़कों से नहीं नापी जा सकती। यह भी देखना होगा कि लोगों को सीखने, आगे बढ़ने, सुरक्षित काम करने और पूरा योगदान देने के कितने मौके मिलते हैं।"

तकनीक और शिक्षा के क्षेत्र में HSBC की एसोसिएट डायरेक्टर प्रियंका सुरेशकुमार शाह को वुमन इन एआई एंड इमर्जिंग टेक अवॉर्ड मिला। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज में रिटेल अमेरिकाज के लिए जेनरेटिव एआई और क्लाउड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की प्रमुख मुग्धा थोंबरे को टेक्नोलॉजी लीडरशिप एक्सीलेंस अवॉर्ड दिया गया। ग्रामीण महिलाओं और लड़कियों के लिए, खासकर शिरूर तालुका में, 1998 से काम कर रही संस्था Ashta No Kai की संस्थापक आर्मीन मोदी को ग्रासरूट्स चेंज लीडर अवॉर्ड मिला। ऑटिज्म से जूझते बच्चों के स्कूल की संस्थापक अमिता इंद्रनील चितले को इन्क्लूसिव एजुकेशन एंड सोशल इम्पैक्ट अवॉर्ड मिला, और वाडिया कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में कंप्यूटर इंजीनियरिंग की प्रमुख डॉ. नुज़हत फैज़ शेख को STEM शिक्षा में उत्कृष्टता का सम्मान दिया गया।

स्वास्थ्य और कारोबार में डॉ. नीलम जायसवाल, डॉ. मधु जुनेजा, डॉ. मिनी सालुंखे, ऐनी थॉमस, अपूर्वा कुलकर्णी, विदिता मूंगी, प्रीति देशमुख और पूजा दोशी सम्मानित हुईं। कानून, कला और विरासत के क्षेत्र में एडवोकेट रुही अहिरे शुक्ला, एडवोकेट अक्षदा ठाकरे गुडधे, डॉ. देविका बोरठाकुर, डॉ. वीथिका टिकू, ललिता परांजपे और डॉ. सविता केलकर को पुरस्कार मिले। पशु कल्याण और पर्यावरण के लिए प्रिया कैलाड, संपदा गंगाखेडकर और पूजा भाले को सम्मान दिया गया।

कार्यक्रम का समापन रात के खाने के साथ हुआ, जहां सम्मानित महिलाओं और मेहमानों को आपस में बात करने, तजुर्बे साझा करने और पेशेवर रिश्ते बनाने का मौका मिला।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे