पुणे एयरपोर्ट पर बम की धमकी से निपटने की मॉक ड्रिल, सुरक्षा एजेंसियों की तैयारी परखी गई
पुणे एयरपोर्ट पर शनिवार को सालाना बम धमकी मॉक एक्सरसाइज हुई, जिसमें CISF, वायुसेना और पुणे पुलिस समेत कई एजेंसियां शामिल रहीं।
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विमान नगर, 24 अक्टूबर 2026: पुणे एयरपोर्ट पर शनिवार को सालाना बम धमकी मॉक एक्सरसाइज की गई। मकसद यह देखना था कि बम की धमकी जैसी हालत में एयरपोर्ट कितना तैयार है और सुरक्षा एजेंसियां व बाकी संबंधित विभाग आपस में कितना तालमेल बिठा पाते हैं।
पुणे एयरपोर्ट के डायरेक्टर संतोष ढोके ने बताया कि यह एक्सरसाइज भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI), पुणे एयरपोर्ट ने सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) और दूसरी एजेंसियों के साथ मिलकर बम थ्रेट कंटिजेंसी प्लान (BTCP) के तहत करवाई।
एक्सरसाइज की शुरुआत सुबह 11 बजे AAI की एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग के कॉन्फ्रेंस हॉल में टेबलटॉप सेशन से हुई। इसमें अफसरों ने काल्पनिक धमकी के हालात, हर एजेंसी की जिम्मेदारियों और आपसी संपर्क के तय तरीकों पर बात की। इसके बाद 11.30 बजे टर्मिनल बिल्डिंग में मॉक ड्रिल हुई।
ड्रिल के मुताबिक एक अनजान शख्स ने पुणे में इंडिगो के मैनेजर को खबर दी कि चेक-इन एरिया में एक लावारिस बैग पड़ा है, जिसमें डमी इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) होने का शक है। मैनेजर ने CISF के सिक्योरिटी ऑपरेशनल कंट्रोल रूम को बताया। कंट्रोल रूम ने क्विक रिएक्शन टीम (QRT) को सक्रिय किया और संबंधित ड्यूटी पोस्ट को सूचना दी। उस इलाके के यात्रियों, स्टाफ और कंसेशनेयर्स को एक तय सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया।
इसके बाद शक वाले बैग को ब्लास्ट इन्हिबिटर से ढका गया और आसपास का इलाका घेर दिया गया। सुरक्षाकर्मियों ने कई तरह से बैग की जांच की। इनमें डॉग स्क्वाड से जांच, एक्सप्लोसिव वेपर डिटेक्टर (EVD), नॉन-लीनियर जंक्शन डिटेक्टर (NLJD), इलेक्ट्रॉनिक स्टेथोस्कोप और हैंडहेल्ड रियल टाइम व्यूइंग सिस्टम (RTVS) शामिल थे।
तय जांच के बाद काल्पनिक रूप से IED की मौजूदगी पक्की मानी गई। फिर बम थ्रेट असेसमेंट कमेटी (BTAC) की बैठक बुलाई गई, जिसके बाद एक्सरसाइज के तहत इस हालत को खास धमकी घोषित किया गया।
फिर बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (BDDS) ने टेलीस्कोपिक मैनिपुलेटर से शक वाले बैग को संभाला और सस्पेक्ट लगेज कंटेनमेंट वेसल (SLCV) में रखा। काल्पनिक रेंडर सेफ प्रोसीजर (RSP) पूरी होने के बाद बैग को आगे की कार्रवाई के लिए तय सेफ डिस्पोजल एरिया (SDA) में ले जाया गया, जिसे कूलिंग पिट भी कहा जाता है।
कार्गो एरिया में भी डमी IED मिला। एक अलग काल्पनिक हालात में एयरपोर्ट के कार्गो एरिया में इंडिया पोस्ट के पास डमी IED रखा गया था। राज्य के बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड ने उसे कामयाबी से ढूंढ निकाला और दिखाया कि कार्गो जोन में सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए वह तैयार है।
इस एक्सरसाइज में CISF, भारतीय वायुसेना (IAF), पुणे पुलिस, राज्य आपदा प्रतिसाद बल (SDRF), फायर सर्विसेज, कस्टम्स, इमिग्रेशन, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, एयरलाइंस और एयरपोर्ट से जुड़े दूसरे पक्षों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
एक्सरसाइज का मकसद शामिल एजेंसियों की कामकाजी तैयारी परखना, उनकी अपनी-अपनी भूमिका और जिम्मेदारी साफ करना और एयरपोर्ट परिसर में काल्पनिक बम धमकी के दौरान आपसी संपर्क और तालमेल कितना असरदार है, यह देखना था।
ढोके ने बताया कि ऐसी मॉक एक्सरसाइज एयरपोर्ट की आपात तैयारी का अहम हिस्सा हैं। इनसे एजेंसियां अपने रिस्पॉन्स के तरीकों को परख पाती हैं, तालमेल में कहीं कमी हो तो उसे पकड़ पाती हैं और सुरक्षा से जुड़े हालात में असरदार ढंग से निपटने की अपनी ताकत बढ़ा पाती हैं।
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