गुरूवार, 29 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

पुणे की लक्ष्मी रोड, बाजीराव रोड और कुमठेकर रोड दिवाली की रोशनी से जगमगाईं

पुणे की लक्ष्मी रोड, बाजीराव रोड और कुमठेकर रोड दिवाली की रोशनी से जगमगाईं तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
कल्चर PT24 टीम

पुणे महानगरपालिका आयुक्त नवल किशोर राम ने गुरुवार को तीन पारंपरिक बाजार सड़कों पर सजावटी बिजली की रोशनी का उद्घाटन किया।

पुणे, 29 अक्टूबर 2026: शहर के पारंपरिक बाजारों को अलग पहचान देने वाली लक्ष्मी रोड, कुमठेकर रोड और बाजीराव रोड पर लगाई गई सजावटी बिजली की रोशनी का उद्घाटन गुरुवार को हुआ। उद्घाटन पुणे महानगरपालिका के आयुक्त नवल किशोर राम ने किया।

यह पहल लगातार तीसरे साल की जा रही है। करीब तीन किलोमीटर के इलाके में यह रोशनी पुणे व्यापारी महासंघ, यूनाइटेड रिटेल ट्रेड गारमेंट एसोसिएशन और पुणे सराफ एसोसिएशन की मिली-जुली कोशिश से लगी है। इसका मकसद दिवाली के दौरान बाजारों में त्योहार का माहौल बनाना और पुणे की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को सामने रखना है।

इस मौके पर बोलते हुए नवल किशोर राम ने कहा, "पुणे सांस्कृतिक राजधानी है। पारंपरिक बाजारों की अहमियत आज भी बनी हुई है। यूरोप जैसी जगहों पर लोग सिर्फ मॉल जाने के बजाय शहर की गलियों में घूमना, सुंदर जगहें देखना, स्थानीय खाना खाना और अच्छी दुकानों से खरीदारी करना पसंद करते हैं। पुणे में भी ऐसी संस्कृति की काफी गुंजाइश है। पुणे ऐसा शहर है जो इस तरह के अनुभवों के लिए अनुकूल माहौल देता है।"

उन्होंने आगे कहा कि पुणे में गणेशोत्सव और नवरात्रि बड़े उत्साह से मनाए जाते हैं और दिवाली का भी खास महत्व है। त्योहार के वक्त बाजारों में रौनक लाने के लिए व्यापारी संगठनों ने मिलकर जो सजावटी रोशनी लगवाई है, उससे शहर में त्योहार का माहौल और बढ़ता है।

नवल किशोर राम ने यह भी कहा कि व्यापारी संगठनों का योगदान ऐसी पहल तक ही सीमित नहीं है। जब भी शहर पर कोई संकट आता है या मदद की जरूरत पड़ती है, व्यापारी वर्ग हमेशा आगे आता है और पूरे मन से सहयोग करता है।

यूनाइटेड रिटेल ट्रेड गारमेंट एसोसिएशन के सचिव मिलिंद शालगर ने कहा, "पुणे को समृद्ध सांस्कृतिक विरासत मिली है। इस परंपरा को सहेजने में व्यापारी उत्साह से हिस्सा लेते हैं। दिवाली के दौरान बाजारों में त्योहार की रौनक बढ़ाने और नागरिकों को खरीदारी का अच्छा अनुभव देने के मकसद से व्यापारी एकजुट हुए और तय किया कि हर साल सजावटी रोशनी की जाएगी। इस तरह की गतिविधि शुरू करने का श्रेय पुणे को जाता है और अब दूसरे शहर भी इसकी मिसाल पर चलते दिख रहे हैं।"

#पुणे#कल्चर#PT24#Culture#Pune

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे