पुणे के सूस गांव का विद्या वैली स्कूल: ICSE बोर्ड, खेल पर जोर और जूनियर KG की फीस
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सूस गांव के विद्या वैली स्कूल में दाखिले के लिए सीट खाली होना शर्त है। पेरेंट्स के लिए बोर्ड, क्लास, फीस, बस और पढ़ाई के तरीके की पूरी जानकारी।
पुणे के सूस इलाके में ICSE बोर्ड का एक पुराना स्कूल है, विद्या वैली स्कूल। स्कूल का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई सिर्फ नंबर और परीक्षा तक सीमित नहीं होनी चाहिए। बच्चे के लिए स्कूल ढूंढ रहे पेरेंट्स के काम की बातें यहां एक जगह दी जा रही हैं।
स्कूल की शुरुआत 2001 में हुई, जब शिक्षाविद नलिनी सेनगुप्ता ने औंध के एक बंगले में विद्या वैली शुरू किया। बाद में यह सूस इलाके में आ गया और बढ़ते-बढ़ते आज के स्कूल की शक्ल में पहुंचा। स्कूल के मुताबिक उसे काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन्स (CISCE) से मान्यता मिली और पहला ICSE बैच 2006 में निकला।
मुख्य कैंपस का पता है 94/1, सूस विलेज, तालुका मुलशी, पुणे 411021। स्कूल के मौजूदा एडमिशन पेज पर साफ लिखा है कि सूस गांव वाला यह स्कूल अकेला संस्थान है, इसकी कोई ब्रांच या दूसरा कैंपस नहीं है। यह को-एजुकेशन डे स्कूल है और पढ़ाई का माध्यम अंग्रेजी है। बच्चे दसवीं क्लास में ICSE की परीक्षा देते हैं। CBSE स्कूलों से तुलना कर रहे पेरेंट्स ध्यान रखें कि यहां का सिलेबस, मूल्यांकन का तरीका और विषयों का ढांचा अलग है।
पढ़ाई के तरीके में स्कूल परंपरा और नएपन का मेल बताता है। असेसमेंट में प्रोजेक्ट, एक्सपेरिमेंट, रोज का क्लासवर्क, अनौपचारिक टेस्ट, क्विज और को-करिकुलर गतिविधियों में हिस्सेदारी भी गिनी जाती है। स्कूल का कहना है कि इसका मकसद परीक्षा का डर घटाना है। हिंदी और मराठी पहली क्लास से शुरू होती हैं, जबकि फ्रेंच छठी क्लास से पढ़ाई जाती है।
खेल यहां की बड़ी पहचान है। स्कूल का नारा है "Everyone must play"। उसके मुताबिक जूनियर KG से हर बच्चा किसी न किसी खेल में हिस्सा लेता है और स्कूल से पहले, स्कूल के बाद और वीकेंड पर कोचिंग भी होती है। फुटबॉल, एथलेटिक्स, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, टेबल टेनिस, स्केटिंग, जिम्नास्टिक्स, योग, कराटे, taekwondo, स्पोर्ट क्लाइंबिंग, हैंडबॉल और शतरंज की सुविधा है। कैंपस में आर्टिफिशियल टर्फ, फुटबॉल मैदान, दो बास्केटबॉल कोर्ट, इनडोर वॉलीबॉल कोर्ट, योग स्टूडियो, तीन क्लाइंबिंग वॉल और स्केटिंग रिंक है। क्लाइंबिंग में स्पीड, लीड और बोल्डरिंग की सुविधा है, और स्कूल के बच्चे इसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके हैं।
बच्चों की देखभाल के लिए स्कूल में गार्डियन टयूटर सिस्टम है। छठी क्लास से एक सीनियर टीचर बच्चों के छोटे ग्रुप का गार्डियन टयूटर बनता है और बच्चा पांच साल तक उसी ग्रुप में रहता है। स्कूल के मुताबिक इसका मकसद बच्चे को ऐसा भरोसेमंद बड़ा इंसान देना है जो सिर्फ पढ़ाई तक सीमित न हो। इसके अलावा स्किल एनहांसमेंट डिपार्टमेंट (SED) है, जिसमें अनुभवी काउंसलर और स्पेशल एजुकेटर टीचर, पेरेंट्स, मेडिकल विशेषज्ञ और चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट के साथ काम करते हैं। यह विभाग सीखने की दिक्कतों को जल्दी पहचानने और संभालने पर ध्यान देता है।
सुविधाओं में फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और गणित की लैब, दो कंप्यूटर लैब, वाई-फाई वाली क्लास और सेकंडरी क्लासों में स्मार्ट बोर्ड हैं। नृत्य स्टूडियो, संगीत, इनडोर स्टेज, ऑडिटोरियम और एम्फीथिएटर भी हैं। मेडिकल सेंटर में तीन बेड हैं, दो फुल-टाइम नर्स हैं और डॉक्टर कॉल पर रहते हैं। एम्बुलेंस वैन है और पुणे के ज्यूपिटर हॉस्पिटल से टाईअप है। स्कूल 24 घंटे सिक्योरिटी और सर्विलांस कैमरों का दावा करता है। ये स्कूल के अपने दावे हैं, इसलिए कैंपस जाकर खुद देख लें। AI, कोडिंग, रोबोटिक्स और फाइनेंशियल लिटरेसी के बारे में पक्की जानकारी नहीं मिली, तो इनकी स्थिति स्कूल से सीधे पूछकर तय कर लें।
एडमिशन के मामले में सबसे जरूरी बात यह है कि यहां सीट खाली होना ही असली शर्त है। 2026-27 के लिए स्कूल के एडमिशन पेज के मुताबिक जूनियर KG के एडमिशन बंद हैं। सीनियर KG, पहली और दूसरी क्लास में एडमिशन नहीं हैं। तीसरी से आठवीं की खाली सीटों की जानकारी अप्रैल 2026 में अपडेट होनी थी। नौवीं और दसवीं में उस साल एडमिशन नहीं हैं। पहले जूनियर KG के लिए बस रूट वाले इलाकों से लॉटरी भी होती रही है। पेरेंट्स पुरानी जानकारी के बजाय मौजूदा एडमिशन पेज पर भरोसा करें, क्योंकि प्रक्रिया और सीटें हर साल बदल सकती हैं।
फीस की बात करें तो स्कूल ने 2026-27 के लिए सिर्फ जूनियर KG की फीस छापी है। फॉर्म फीस Rs 1,500, एडमिशन फीस Rs 10,000, रिफंडेबल डिपॉजिट Rs 1,50,000 और सालाना स्कूल फीस Rs 1,50,000 है। सालाना फीस चार किस्तों में जाती है: जून में 40 फीसदी, सितंबर में 30 फीसदी, नवंबर में 15 फीसदी और जनवरी में 15 फीसदी। डिपॉजिट स्कूल की निकासी की शर्तों के हिसाब से लौटाया जाता है। बाकी क्लासों की पूरी फीस सूची सार्वजनिक पेज पर नहीं है, इसलिए अपने बच्चे की क्लास की फीस स्कूल से पूछ लें।
आने-जाने का इंतजाम भी अहम है। स्कूल की अपनी बस सेवा है और बच्चे घर से स्कूल बस से आते-जाते हैं। 2026-27 की जानकारी में बस की मासिक फीस दूरी के हिसाब से करीब Rs 2,500 से Rs 6,000 है। सूस दूर पड़ता है, इसलिए घर से बस स्टॉप, स्कूल और वापसी तक का पूरा सफर जोड़कर देखें, खासकर छोटे बच्चों के लिए।
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