पुणे के नगर निगम थिएटरों में मरम्मत शुरू, कलाकारों की शिकायतों के बाद काम
पुणे महानगरपालिका ने कलाकारों की शिकायतों के बाद अपने सभागृहों में मरम्मत शुरू की है। नेहरू सांस्कृतिक भवन बंद है, बाल गंधर्व में काम चालू रहते कार्यक्रम होते रहेंगे।
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पुणे में नगर निगम के सभागृहों की हालत को लेकर कलाकार बार-बार शिकायत करते रहे हैं। किसी जगह छत टपकती है, कहीं एयर कंडीशनिंग ठीक से काम नहीं करती और कहीं टॉयलेट गंदे पड़े रहते हैं। अब पुणे महानगरपालिका (PMC) ने कुछ सभागृहों में मरम्मत का काम शुरू कर दिया है, जबकि बाकी जगहों पर आगे और सुधार की तैयारी चल रही है।
सबसे ज्यादा असर घोले रोड के पंडित जवाहरलाल नेहरू सांस्कृतिक भवन पर पड़ा है। यह सभागृह 1 नवंबर से बंद है। वहां सीटों, एयर कंडीशनिंग सिस्टम और छत की वाटरप्रूफिंग की मरम्मत होनी है। ये काम पूरे हो जाने पर सभागृह 10 नवंबर के बाद खुल सकता है। जब तक काम चल रहा है, वहां कोई नाटक या दूसरा कार्यक्रम नहीं हो सकता।
बाल गंधर्व रंगमंदिर में ध्यान वॉशरूम की सुविधाएं सुधारने पर है। साफ-सफाई की खराब हालत को लेकर शिकायतें आई थीं, जिसके बाद यह काम हाथ में लिया गया। यहां PMC ने सभागृह बंद न करने का फैसला किया है। मरम्मत के साथ-साथ नाटक और दूसरे कार्यक्रम भी चलते रहेंगे।
शिकायतें सिर्फ किसी एक सभागृह तक सीमित नहीं हैं। कलाकारों ने टूटी हुई कुर्सियों, भरोसे लायक न रहने वाले कूलिंग सिस्टम और छत से सभागृह के अंदर आने वाले बारिश के पानी की बात उठाई है। ऐसी दिक्कतों का असर कलाकारों पर भी पड़ता है और दर्शकों पर भी, खासकर लंबे कार्यक्रमों के दौरान।
निगम की मरम्मत सूची में अगला नाम कोथरुड के यशवंतराव चव्हाण नाट्यगृह का है। वहां मंच, साउंड सिस्टम, सीटों और VIP रूम समेत कई हिस्सों में काम होना है। इसमें करीब दो महीने लग सकते हैं, लेकिन समय-सारणी अभी तय नहीं हुई है।
निगम के सामने चुनौती सिर्फ मौजूदा काम पूरा करने की नहीं है। कलाकार काफी समय से बुनियादी सुविधाओं को लेकर चिंता जता रहे हैं, इसलिए नियमित रखरखाव भी उतना ही जरूरी है जितनी मरम्मत। अगर सभागृहों को नाटकों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए ज्यादा भरोसेमंद बनाना है, तो इन बार-बार आने वाली समस्याओं का हल निकालना होगा।
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