पुणे CCTV प्रोजेक्ट के लिए राज्य सरकार ने मंज़ूर किए 47.65 करोड़ रुपये
महाराष्ट्र सरकार ने पुणे के CCTV निगरानी प्रोजेक्ट के भुगतान को हरी झंडी दी है। 104 बफर पोल न लगने की वजह से 50.31 लाख रुपये रोके गए हैं।
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पुणे, 24 अक्टूबर 2026: महाराष्ट्र सरकार ने पुणे के CCTV निगरानी प्रोजेक्ट के लिए GST समेत 47.65 करोड़ रुपये के भुगतान को मंज़ूरी दे दी है। 104 बफर पोल अब तक नहीं लगे हैं, इसलिए उनके बदले 50.31 लाख रुपये रोक लिए गए हैं।
यह मंज़ूरी 22 अक्टूबर को जारी हुए सरकारी आदेश (GR) के ज़रिए दी गई। इसके तहत काम करने वाली एजेंसी को पैसा दिया जाएगा। यह काम कैमरे लगाने का है, साथ ही डेटा सेंटर और डिज़ास्टर रिकवरी सेंटर में वीडियो फुटेज के इंफ्रास्ट्रक्चर का भी है।
प्रोजेक्ट में शुरू में कुल 1,443 पोल तय किए गए थे। इनमें से 1,238 तय पोल 1,007 जगहों पर लगने थे और 205 पोल बफर के तौर पर रखे गए थे। तय किए गए सारे पोल लग चुके हैं, लेकिन बफर पोल में से सिर्फ 101 ही लगे हैं। इस हिसाब से अब तक कुल 1,339 पोल लग चुके हैं।
गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि बाकी काम के लिए रोकी गई रकम काटने के बाद मंज़ूर भुगतान GST को छोड़कर 40.38 करोड़ रुपये बैठता है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) मनीषा म्हैसकर ने शुक्रवार को कहा कि यह विस्तार पुणे पुलिस की मांग पर किया गया था। उम्मीद है कि इन अतिरिक्त कैमरों से सार्वजनिक जगहों पर निगरानी बेहतर होगी, अपराध रोकने में मदद मिलेगी और किसी भी घटना पर जल्दी कार्रवाई हो सकेगी।
पुणे के पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने कहा कि इस महीने की शुरुआत में हुई एक बैठक में उन्होंने फंड जल्दी जारी करने का मुद्दा उठाया था।
शिवाजीनगर के विधायक सिद्धार्थ शिरोले ने कहा कि इस मंज़ूरी से बचा हुआ काम पूरा करने में मदद मिलेगी और शहर का निगरानी नेटवर्क और मज़बूत होगा।
पुणे और पिंपरी चिंचवड को कवर करने वाला यह CCTV प्रोजेक्ट 1 अगस्त 2012 को पुणे में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के बाद सोचा गया था।
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