पुणे एयरपोर्ट पर बैंकॉक से आए यात्री के बैग से 3.72 करोड़ का हाइड्रोपोनिक गांजा पकड़ा गया, गिरफ्तार
पुणे कस्टम्स ने बैंकॉक से आए एक यात्री के सामान से 10.642 किलो हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त किया, जो फ्रीज-ड्राइड ड्यूरियन के पैकेट में नूडल्स के बीच छिपा था।
पुणे एयरपोर्ट पर कस्टम्स की टीम ने बैंकॉक से आए एक यात्री के बैग से 10.642 किलो हाइड्रोपोनिक गांजा पकड़ा है। अनुमान है कि बाजार में इस माल की कीमत 3.72 करोड़ रुपये बैठती। यह कार्रवाई बुधवार, 4 नवंबर 2026 की शाम हुई। यात्री को गिरफ्तार कर लिया गया है और वह फिलहाल जेल में है।
कस्टम्स के मुताबिक पकड़ा गया शख्स भारतीय नागरिक है। वह एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX-291 से बैंकॉक से पुणे उतरा था। एयरपोर्ट पर पहले उसकी प्रोफाइलिंग की गई, जिससे अफसरों को उस पर शक हुआ। फिर चेक-इन बैग को स्कैन किया गया तो उसमें भी कुछ गड़बड़ दिखी। इसके बाद कस्टम्स की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) और एयरपोर्ट बैच के अफसरों ने यात्री को रोका और उसका सामान खुलवाकर बारीकी से देखा।
बैग में नौ आयताकार पैकेट निकले, जो चांदी जैसे रंग के थे। हर पैकेट पर 'Freeze Dried Monthong Durian' का दुकानों वाला लेबल चिपका था, यानी देखने में वे सूखे ड्यूरियन फल के पैकेट लगते थे। इन पैकेटों को पैकेट नूडल्स और खाने-पीने के दूसरे बिकाऊ सामान के बीच दबाकर रखा गया था, ताकि बैग आम सामान जैसा दिखे।
पैकेट खोलने पर अंदर काली पॉलीथिन की दो परतें मिलीं, और दोनों वैक्यूम सील थीं। अफसरों का अंदाजा है कि यह इंतजाम भीतर रखी चीज को नजरों से बचाने और नशीले माल की तेज गंध को बाहर आने से रोकने के लिए किया गया था। पॉलीथिन हटाई गई तो पीले-हरे रंग के सूखे फूलों के सिरे निकले, जिनसे तेज बदबू आ रही थी।
मौके पर नारकोटिक ड्रग फील्ड टेस्टिंग किट से शुरुआती जांच की गई। नतीजे में पक्का हुआ कि यह मारिजुआना यानी गांजा है, और वह भी हाइड्रोपोनिक किस्म का। इसके बाद कस्टम्स ने पैकिंग के सामान समेत पूरे 10.642 किलो माल को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सबस्टेंसेज (NDPS) एक्ट, 1985 के तहत जब्त कर लिया।
यात्री पर NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं में कार्रवाई हुई और उसे ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। मजिस्ट्रेट ने उसे 18 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
मामले की जांच अभी चल रही है। कस्टम्स के अफसर यह खोजने में लगे हैं कि इस तस्करी के पीछे कौन सा नेटवर्क काम कर रहा था, माल आखिर किसके पास पहुंचना था और क्या इस गिरोह में कुछ और लोग भी जुड़े हैं।
अफसरों का कहना है कि इस जब्ती से तस्करों का एक और तरीका सामने आया है। जांच से बचने के लिए नशे का माल कारोबारी ढंग से पैक किए खाने के सामान की शक्ल में लाया जा रहा है। पुणे कस्टम्स ने साफ किया है कि एयरपोर्ट के रास्ते नशे की तस्करी की कोशिशों पर नजर रखी जाएगी और ऐसे मामलों में कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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