पुणे एयरपोर्ट पर बैंकॉक से आए यात्री के बैग से 3.72 करोड़ का गांजा बरामद, गिरफ्तार
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
पुणे कस्टम्स ने बैंकॉक से आए एक भारतीय यात्री के चेक-इन बैग से 10.642 किलो हाइड्रोपोनिक कैनाबिस पकड़ा। कस्टम्स अधिकारियों के मुताबिक यह खाने के पैकेटों में छिपाया गया था।
पुणे, 5 नवंबर 2026: पुणे कस्टम्स ने बुधवार शाम पुणे एयरपोर्ट पर बैंकॉक से पहुंचे एक यात्री के सामान से 10.642 किलो हाइड्रोपोनिक कैनाबिस बरामद किया है। इसकी अनुमानित कीमत 3.72 करोड़ रुपये बताई गई है। कस्टम्स अधिकारियों ने बताया कि यह नशीला पदार्थ यात्री के चेक-इन बैग में नूडल्स के पैकेटों के बीच छिपाकर रखा गया था और उसे फ्रीज-ड्राइड डूरियन के पैकेट बताया गया था।
अधिकारियों के मुताबिक यह यात्री भारतीय नागरिक है। वह 4 नवंबर को एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX-291 से पुणे पहुंचा था। यात्री की प्रोफाइलिंग के बाद अधिकारियों को शक हुआ। इसके अलावा बैग की स्कैनिंग में भी कुछ संदिग्ध दिखा। इसके बाद एयर इंटेलिजेंस यूनिट और एयरपोर्ट बैच के अफसरों ने उसे रोक लिया।
बैग की बारीकी से जांच हुई तो उसमें नौ चौकोर, चांदी जैसे रंग के पैकेट मिले। इन पर 'Freeze Dried Monthong Durian' के रिटेल लेबल लगे हुए थे। हर पैकेट के अंदर वैक्यूम सील की हुई काली पॉलिथीन की दो परतें थीं। अधिकारियों के अनुसार ऐसा शायद अंदर का सामान छिपाने और जांच में पकड़ में न आने देने के लिए किया गया था।
पैकेट खोले गए तो अंदर पीलेपन वाले हरे रंग के सूखे फूलों के सिरे निकले, जिनसे तेज गंध आ रही थी। नारकोटिक ड्रग फील्ड टेस्टिंग किट से शुरुआती जांच की गई। उसमें पुष्टि हुई कि यह हाइड्रोपोनिक कैनाबिस है, जिसे मारिजुआना या गांजा भी कहा जाता है।
कस्टम्स ने पैकिंग के सामान के साथ पूरा 10.642 किलो माल नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेज (NDPS) एक्ट, 1985 के प्रावधानों के तहत जब्त कर लिया।
यात्री को गिरफ्तार किया गया और उसे न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। मजिस्ट्रेट ने उसे 18 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
कस्टम्स अधिकारियों ने कहा कि मामले की आगे की जांच चल रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश है कि तस्करी की इस कोशिश के पीछे कौन सा नेटवर्क है। अधिकारियों के मुताबिक इस जब्ती से नशीले पदार्थ छिपाने के एक तरीके का भी खुलासा हुआ है, जिसमें कारोबारी खाने की पैकिंग का इस्तेमाल करके जांच से बचने की कोशिश की जाती है।
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