मोहम्मदवाड़ी में निजी प्लॉट पर कचरा डंप और जलाने से सेहत को खतरा, निवासी परेशान
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
NIBM रोड-मोहम्मदवाड़ी इलाके में रॉयल हेरिटेज मॉल के पास खुले प्लॉट पर कचरा फेंका और जलाया जा रहा है। निवासियों ने धुएं से सांस की दिक्कत की शिकायत की है।
पुणे, 6 नवंबर 2026: NIBM रोड-मोहम्मदवाड़ी इलाके में गगन एला सोसायटी और पास की एक बस्ती के लोग एक निजी खुले प्लॉट को लेकर परेशान हैं। यह प्लॉट इशरत बाग के नजदीक रॉयल हेरिटेज मॉल के पास है। निवासियों का आरोप है कि यहां लगातार कचरा फेंका और जलाया जा रहा है।
निवासियों का कहना है कि कचरा जलने से उठने वाला धुआं हवा की क्वालिटी बिगाड़ रहा है और आसपास रहने वालों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है।
बताया गया है कि NIBM रोड पर रॉयल हेरिटेज मॉल के पास का यह प्लॉट अब एक तरह से डंपिंग ग्राउंड बन गया है। पूरे परिसर में तरह-तरह का कचरा बिखरा पड़ा है। मौके की तस्वीरों में कचरे के ढेर दिखते हैं और कई जगहों से धुआं उठता नजर आता है। निवासियों के मुताबिक यहां नियमित रूप से कचरा डाला और जलाया जाता है, जिससे पूरे मोहल्ले में प्रदूषण फैल रहा है।
निवासियों का दावा है कि इस कचरे में बायोमेडिकल वेस्ट, इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट (ई-वेस्ट) और दूसरी खतरनाक हो सकने वाली चीजें भी शामिल हैं। उन्हें डर है कि ऐसा कचरा जलने से जहरीला धुआं निकल सकता है, जो खासकर बच्चों और बुजुर्गों की सेहत के लिए खतरा है। प्लॉट के करीब होने की वजह से पास की बस्ती पर भी असर पड़ने की बात कही गई है।
गगन एला सोसायटी की कमेटी के सदस्य सादिक पठान ने कहा कि कचरा जलने के धुएं से निवासियों को दिक्कत हो रही है। उन्होंने यह मामला पुणे महानगरपालिका (PMC) के ध्यान में लाने के लिए मदद मांगी है। साथ ही उन्होंने कमेटी सदस्यों और रनवाल सोसायटी के निवासियों की एक बैठक करके हल निकालने का सुझाव दिया है।
यह मुद्दा PMC की शिकायत निवारण व्यवस्था में भी उठाया गया है। 27 अक्टूबर 2026 को टोकन नंबर PC51088 के तहत शिकायत दर्ज हुई, जिसकी श्रेणी 'Burning of Garbage' रखी गई है। शिकायत में रोजाना बायोमेडिकल वेस्ट और दूसरा कचरा जलाए जाने का खास तौर पर जिक्र है। शिकायत रिकॉर्ड के मुताबिक उसकी स्थिति 'In Process' है।
निवासियों का यह भी आरोप है कि जमीन के मालिक ने आने-जाने का रास्ता बंद कर दिया, फिर भी प्लॉट के अंदर कचरा जमा होता रहा। उन्होंने नियमित निगरानी न होने पर सवाल उठाया और कहा कि अवैध डंपिंग और जलाने को रोकने में निजी जमीन मालिक और महानगरपालिका की जिम्मेदारी साफ की जानी चाहिए।
सामाजिक कार्यकर्ता आफताब रजा, सादिक पठान, खालिद पारकर और पंकज अवघाटे ने भी हालात पर चिंता जताई और तुरंत दखल की मांग की।
आफताब रजा ने कहा, "जमीन का निजी मालिकाना हक जनता की सेहत की कीमत पर नहीं हो सकता। PMC और जमीन मालिक को यह पक्का करने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए कि कचरा हटे और जलाना बंद हो।"
सादिक पठान ने कहा, "खुले प्लॉट से आ रहे धुएं से गगन एला और पास की बस्ती के लोग परेशान हैं। बच्चे और बुजुर्ग खास तौर पर खतरे में हैं। हम अधिकारियों के सामने मुद्दा उठा चुके हैं, लेकिन स्थायी हल चाहिए।"
खालिद पारकर ने कहा, "कचरे की डंपिंग और जलाना, खासकर अगर उसमें बायोमेडिकल और इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट है, तो यह पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता की बात है। अधिकारियों को साइट का निरीक्षण करके जिम्मेदार लोगों की पहचान करनी चाहिए।"
पंकज अवघाटे ने कहा, "जब प्लॉट के अंदर कचरा जमा हो रहा है, तब रास्ता बंद करना कोई हल नहीं है। जमीन मालिक और PMC को सुनिश्चित करना चाहिए कि परिसर की ठीक से देखभाल हो और आगे डंपिंग न हो।"
निवासियों ने मांग की है कि साइट का तुरंत निरीक्षण हो, जमा कचरे को हटाकर वैज्ञानिक तरीके से उसका निपटारा किया जाए और अवैध डंपिंग व जलाने के जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने PMC से यह भी कहा है कि वह जमीन मालिक के साथ तालमेल बिठाए और नियमित निगरानी शुरू करे, ताकि यह प्लॉट बार-बार पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए खतरा न बने।
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