महिंद्रा लाइफस्पेसेस का पुणे में ऑडिट: 100 में से 82.5 अंक, डिलीवरी पर सवाल
PTM के ऑडिट में महिंद्रा लाइफस्पेसेस को 82.5/100 का वर्किंग स्कोर मिला है। कंपनी की वित्तीय ताकत और टिकाऊ निर्माण की तारीफ है, पर पज़ेशन और ग्राहक संवाद पर खरीदारों को खुद जांच करने की सलाह दी गई है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
घर खरीदने वाले अक्सर बिल्डर का नाम देखकर भरोसा कर लेते हैं, लेकिन PTM के ऑडिट का कहना है कि बड़ा कॉर्पोरेट ब्रांड हर प्रोजेक्ट की अलग जांच का विकल्प नहीं हो सकता। महिंद्रा लाइफस्पेसेस पर यह बात खास तौर से लागू होती है। यह महिंद्रा ग्रुप की रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी है। इसका रिहायशी सफर 1994 से चल रहा है। कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक उसके 50 से ज्यादा रिहायशी प्रोजेक्ट हैं, 55.50 मिलियन स्क्वेयर फुट रिहायशी जगह चालू या आने वाली है और 21,000 से ज्यादा ग्राहक हैं।
पुणे में कंपनी की मौजूदगी पिंपरी-चिंचवड और पूर्व-पश्चिम के बढ़ते इलाकों में है। महिंद्रा अंथिया और महिंद्रा सेंट्रलिस पूरे हो चुके प्रोजेक्ट हैं। पिंपरी में महिंद्रा सिटाडेल, खराडी एनेक्स में महिंद्रा आइवीलश और पिंपरी-चिंचवड में महिंद्रा नेस्टैल्जिया चल रहे हैं। 2025 में कंपनी ने नांदे-महालुंगे में करीब 13.46 एकड़ जमीन ली, जिस पर विकास की संभावना करीब 3,500 करोड़ रुपये की आंकी गई है।
ऑडिट ने कंपनी को दो नजरों से देखा। पहली, संस्था की ताकत यानी वित्तीय क्षमता, गवर्नेंस, टिकाऊपन, सिस्टम और लंबी मौजूदगी। दूसरी, पुणे के खरीदार के काम की बात: प्रोजेक्ट वादे के हिसाब से चल रहे हैं या नहीं, MahaRERA रिकॉर्ड क्या कहता है, मौजूदा ग्राहक क्या कह रहे हैं और किस प्रोजेक्ट को अलग से परखना चाहिए। कुल वर्किंग स्कोर 82.5/100 है। डिलीवरी और execution में 20 में से 15, ट्रैक रिकॉर्ड में 15 में से 14, MahaRERA और नियामक रिकॉर्ड में 15 में से 11, निर्माण और क्वालिटी में 10 में से 8.5, ग्राहक अनुभव में 10 में से 7, वित्तीय मजबूती में 10 में से 9.5, पुणे की मौजूदगी में 10 में से 8.5, पारदर्शिता में 5 में से 4.5 और इनोवेशन व सस्टेनेबिलिटी में पूरे 5 अंक मिले। PTM के मुताबिक यह वर्किंग एडिटोरियल स्कोर है, स्थायी रैंकिंग नहीं। नई फाइलिंग, पज़ेशन का डेटा या डेवलपर का जवाब आने पर इसे बदला जा सकता है।
वित्तीय मोर्चे पर कंपनी मजबूत है। यह लिस्टेड कंपनी है और इसकी CRISIL AA/Stable तथा India Ratings की IND AA/Stable रेटिंग है। कमर्शियल पेपर को India Ratings ने IND A1+ दिया है। पर ये रेटिंग कंपनी और उसकी रेटेड देनदारियों की हैं, किसी एक प्रोजेक्ट की डिलीवरी की गारंटी नहीं। 30 जुलाई 2026 को आए नतीजों में महिंद्रा एंड महिंद्रा ने बताया कि महिंद्रा लाइफस्पेसेस की रिहायशी प्री-सेल्स 925 करोड़ रुपये रहीं, जो पिछले साल के करीब दोगुनी हैं। हासिल किया गया ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू 5,600 करोड़ रुपये रहा, यानी 60 प्रतिशत ज्यादा।
सस्टेनेबिलिटी में भी कंपनी आगे है। उसका कहना है कि हर साल लॉन्च होने वाला हर रिहायशी और इंटीग्रेटेड औद्योगिक या कमर्शियल प्रोजेक्ट नेट जीरो के लिए तैयार डिजाइन किया जाता है। आइवीलश को नेट जीरो एनर्जी और नेट जीरो वेस्ट डिजाइन की पहचान मिली है। पर ऑडिट याद दिलाता है कि ग्रीन सर्टिफिकेशन का मतलब बेहतर निर्माण क्वालिटी अपने आप नहीं होता।
डिलीवरी पर तस्वीर इतनी सीधी नहीं है। सार्वजनिक MahaRERA रिकॉर्ड पर बने एक थर्ड-पार्टी विश्लेषण में महिंद्रा लाइफस्पेसेस की पांच इकाइयों के 93 प्रोजेक्ट हैं। इनमें 47 पूरे हुए और 46 निर्माणाधीन हैं। पूरे हुए प्रोजेक्टों में 74 प्रतिशत समय पर माने गए और 13 छह महीने या उससे ज्यादा देरी से पूरे हुए। उसी डेटा में 83 शिकायतें, मुकदमे की घोषणा वाले 48 प्रोजेक्ट और पांच लैप्स हुए रजिस्ट्रेशन दर्ज हैं। ये आंकड़े कई कानूनी इकाइयों और इलाकों के हैं, इसलिए इन्हें सिर्फ पुणे के कारोबार का पैमाना नहीं माना जा सकता। शिकायत का मतलब गलती साबित होना नहीं है और मुकदमे का मतलब प्रोजेक्ट का फेल होना नहीं है।
सबसे बड़ा सवाल हैप्पीनेस्ट ताथवडे पर है। 2024 में इसका आखिरी फेज लॉन्च करते वक्त महिंद्रा ने कहा था कि पहले के फेज लगभग बिक चुके हैं, निर्माण तय समय से आगे चल रहा है और पज़ेशन 2025 से शुरू होगा। लेकिन फेज 1 के मौजूदा RERA डेटा (रजिस्ट्रेशन P52100028049) में प्रोजेक्ट निर्माणाधीन है और पज़ेशन जनवरी 2027 दर्ज है। इसमें करीब 692 बिक्री और एक शिकायत है। ग्राहकों के सार्वजनिक रिव्यू में भी देरी और संवाद की शिकायतें हैं। Housing.com पर सेंट्रलिस को 4.4/5 और हैप्पीनेस्ट ताथवडे को 4.6/5 की रेटिंग है, पर रिव्यू को सबूत नहीं, संकेत माना गया है।
ऑडिट इस नतीजे पर नहीं पहुंचता कि कंपनी में डिलीवरी की कोई व्यवस्थागत खामी है, क्योंकि यह सबूतों से आगे की बात होगी। सलाह यह है कि खरीदार जिस टावर और फेज में पैसा लगा रहा है, उसकी RERA में दर्ज तारीख और निर्माण की स्थिति खुद जांचे। सिटाडेल के बारे में भी कहा गया कि वह संत तुकाराम मेट्रो स्टेशन के पास है, पर रेलवे ट्रैक के पास होने जैसे सवाल उठे हैं, इसलिए जगह को अलग-अलग वक्त पर जाकर देखना चाहिए। PTM ने कंपनी को लिखित जवाब देने का न्योता दिया है। यह लेख निवेश, कानूनी या खरीदारी की सलाह नहीं है, और खरीदारों को टाइटल, MahaRERA रजिस्ट्रेशन और पज़ेशन की तारीख खुद जांचनी चाहिए।
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