एसटी बसों में यात्रियों को बेहोश कर लूटने के आरोप में एमपी का 63 साल का शख्स गिरफ्तार
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
स्वारगेट पुलिस ने मध्य प्रदेश के 63 साल के बाबू भुरेखान को गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि वह MSRTC की बसों में यात्रियों को खाने में नशे की गोलियां मिलाकर बेहोश करता और उनका सोना चुरा लेता था।
पुणे में स्वारगेट पुलिस ने मध्य प्रदेश के रहने वाले 63 साल के बाबू भुरेखान को गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि उसने महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन महामंडल (MSRTC) की बसों में सफर कर रहे यात्रियों को खाने में नशे की गोलियां मिलाकर बेहोश किया और उनका कीमती सामान चुरा लिया। पुलिस उसे अंतरराज्यीय आदतन अपराधी बता रही है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले की सीतामऊ तहसील के रुनिजा गांव का रहने वाला है। उसे पकड़ने में CCTV फुटेज, तकनीकी जांच और मुखबिरों से मिली जानकारी काम आई।
पुलिस ने उसके पास से 1.40 लाख रुपये की सोने की एक छड़ और अल्प्राक्स की 30 गोलियां बरामद की हैं। पुलिस का कहना है कि इन्हीं गोलियों से अनजान यात्रियों को बेहोश किया जाता था। इस गिरफ्तारी से महाराष्ट्र और गुजरात में इसी तरह की तीन वारदातों का खुलासा भी हुआ है।
पुलिस ने बताया कि मामला 20 अगस्त का है। शिकायत करने वाले के पिता उस दिन बोरीवली से पुणे के स्वारगेट तक शिवशाही बस में सफर कर रहे थे। रास्ते में सफारी जैसे कपड़े पहने एक आदमी उनके पास आया और खुद को 'संजय अग्रवाल' बताया।
पुलिस के अनुसार उसने जानबूझकर बातचीत शुरू की और यात्री का भरोसा जीता। इसके बाद उसने उन्हें बेहोशी की दवा दी, ऐसा आरोप है। जब यात्री बेहोश हो गए तो आरोपी ने उनकी उंगली से करीब 10 ग्राम की सोने की अंगूठी निकाली और फरार हो गया, ऐसा पुलिस का कहना है।
शिकायत मिलने पर स्वारगेट पुलिस ने मामला दर्ज किया और संदिग्ध की पहचान के लिए जांच शुरू की। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक यशवंत निकम की देखरेख में जांच टीम ने बस के CCTV फुटेज खंगाले और तकनीकी जांच से आरोपी की आवाजाही का पता लगाया।
मुखबिरों से मिली जानकारी से जांच करने वालों को यह पता चला कि खुद को संजय अग्रवाल बताने वाला शख्स दरअसल बाबू भुरेखान ही है, जिसका मध्य प्रदेश में आपराधिक रिकॉर्ड है। इसके बाद स्वारगेट पुलिस की एक टीम मध्य प्रदेश गई और उज्जैन के महाकाल पुलिस स्टेशन से उसे अपनी हिरासत में लिया। उसे पुणे की लूट की आगे की जांच के लिए हिरासत में लाया गया।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने नागपुर जिले के रामटेक इलाके और गुजरात के द्वारका इलाके में भी ऐसी ही लूट में शामिल होने की बात बताई। जांच करने वालों का कहना है कि हर बार तरीका एक जैसा था। सफर में यात्रियों से दोस्ती करना, खाने में नशे की गोलियां देना और बेहोश होने पर उनके सोने के गहने उड़ा लेना।
पुलिस ने 15-15 गोलियों के दो पैकेट बरामद किए, यानी कुल 30 गोलियां, और साथ में 1.40 लाख रुपये की सोने की छड़ भी जब्त की है। पुलिस अब यह देख रही है कि आरोपी का नाम ऐसी और वारदातों में तो नहीं आता।
यह कार्रवाई अपर पुलिस आयुक्त राजेश बनसोडे, पुलिस उपायुक्त मिलिंद मोहिते और सहायक पुलिस आयुक्त गजानन पवार के मार्गदर्शन में हुई। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक यशवंत निकम और पुलिस निरीक्षक विकास भरमल व प्रदीपसिंह सिसोदे ने अभियान की निगरानी की।
जांच टीम में सहायक पुलिस निरीक्षक स्वप्निल शेळके, पुलिस उप निरीक्षक बालू शिरसाट और पुलिसकर्मी प्रदीप शिंदे, किरण रघतवान, नितिन क्षीरसागर, रमेश चव्हाण, अक्षय भोगे, युवराज राठोड, सोमनाथ बटुले, किरण ढापकर और रोहित पवार शामिल थे।
निरीक्षक निकम ने कहा, "यह मामला दिखाता है कि लंबे सफर में सहयात्रियों के भरोसे का फायदा उठाने वाले अपराधी कितने खतरनाक हो सकते हैं।"
पुलिस निरीक्षक विकास भरमल ने कहा, "हमारा मानना है कि आरोपी ने झूठी पहचान और दोस्ताना बातचीत के सहारे अनजान यात्रियों तक पहुंच बनाई और फिर उनके कीमती सामान को निशाना बनाया।" पुलिस ने यात्रियों को सलाह दी है कि सफर में अनजान लोगों से खाना, पीने की चीज या दवा न लें। आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में है और जांच करने वाले राज्यों की सीमाओं के पार उसकी कथित आपराधिक गतिविधियों की पड़ताल कर रहे हैं।
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