दिवाली की भीड़ में निजी बस ऑपरेटर तय किराये से ज्यादा न लें, पुणे RTO की चेतावनी
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पुणे RTO ने निजी बस ऑपरेटरों को दिवाली के दौरान सरकार के तय किराये से ज्यादा वसूली पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। शिकायत के लिए WhatsApp नंबर 8275330209 जारी किया गया है।
पुणे के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) ने निजी बस ऑपरेटरों को साफ कह दिया है कि दिवाली की भीड़ के दौरान सरकार के तय किराये से एक रुपया भी ज्यादा न लिया जाए। मंगलवार को ऑपरेटरों के साथ हुई बैठक के बाद क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी अर्चना गायकवाड ने बताया कि जो भी ऐसा करेगा, उस पर मोटर वाहन अधिनियम 1988 और उससे जुड़े नियमों के तहत कार्रवाई होगी।
RTO के मुताबिक त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने के साथ ही मनमाना किराया वसूलने की शिकायतें उसके पास पहुंची हैं। गायकवाड ने कहा कि ऑपरेटरों को अपना किराया सरकार की तय सीमा के अंदर ही रखना होगा, और दिवाली के दौरान जो भी ज्यादा पैसे लेता पाया गया, उसके खिलाफ कदम उठाए जाएंगे।
निजी बसों के लिए किराये की सीमा राज्य सरकार के 20 अप्रैल 2018 के फैसले में तय है और ऑपरेटरों को उसी का पालन करना है। RTO ने बताया कि त्योहारों के दौरान एक शहर से दूसरे शहर जाने वालों की संख्या आम तौर पर बढ़ जाती है, इसलिए इस दौरान ऑपरेटरों पर नजर और कड़ी रखी जाएगी।
जिन यात्रियों से ज्यादा किराया लिया जाए, या जो कोई और उल्लंघन देखें, वे WhatsApp नंबर 8275330209 पर शिकायत कर सकते हैं। शिकायत में अपना नाम और मोबाइल नंबर देना होगा और बस के टिकट की फोटो भेजनी होगी, ताकि अधिकारी शिकायत की जांच कर सकें। RTO ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपना टिकट संभालकर रखें और शिकायत करते वक्त जरूरी जानकारी साथ जोड़ें।
बैठक का मकसद सड़क सुरक्षा पर चर्चा भी था। ऑपरेटरों से कहा गया कि ड्राइवर शराब पीकर गाड़ी न चलाएं, गाड़ी चलाते वक्त मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें और सड़क सुरक्षा के सभी नियम मानें। उन्हें यह भी याद दिलाया गया कि यात्रियों की सुरक्षा को सबसे पहले रखें और गाड़ी के सारे जरूरी कागजात वैध रखें।
बैठक में उप क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी स्वप्निल भोसले, परिवीक्षाधीन सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी राहुल फसले और रोहित अरसुल मौजूद थे। बस ऑपरेटर एसोसिएशन के 26 प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए।
यह चेतावनी सालाना त्योहारी भीड़ की शुरुआत में आई है, जब मांग बढ़ने से अपने गांव-शहर लौटने वालों के लिए टिकट के दाम अक्सर चढ़ जाते हैं।
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