पूर्णेकर हत्या: राऊत का दावा, मिनाक्षी शिंदे ने दिलवाई सुपारी, एकनाथ शिंदे को थी खबर
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प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड पर ठाकरे गुट के नेता संजय राऊत ने शिंदे गुट की पूर्व महापौर मिनाक्षी शिंदे और उनके पति राजेंद्र शिंदे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के मामले में ठाकरे गुट के नेता संजय राऊत ने बड़ा दावा किया है। मीडिया से बात करते हुए राऊत ने कहा कि पूर्णेकर की हत्या की सुपारी शिंदे गुट की पूर्व महापौर मिनाक्षी शिंदे ने अपने पति राजेंद्र शिंदे को दी थी। राऊत के मुताबिक राजेंद्र शिंदे ने आगे यह सुपारी नीचे के लोगों को दी। उन्होंने यह भी दावा किया कि ठाणे के पालकमंत्री एकनाथ शिंदे को इसकी जानकारी है। अब सबकी नजर इस पर है कि शिंदे गुट की तरफ से इन आरोपों पर क्या जवाब आता है।
राऊत ने कहा कि पूर्णेकर की हत्या की साजिश में मिनाक्षी शिंदे और राजेंद्र शिंदे का हाथ है और इसके सबूत मौजूद हैं। उनका कहना है कि हत्या से एक घंटा पहले सारे आरोपी राजेंद्र शिंदे के साथ बैठे हुए थे। राऊत के बयान के मुताबिक इस पूरे मामले की मुख्य सूत्रधार मिनाक्षी शिंदे हैं, जिन्होंने अपने पति को सुपारी दी, और पति ने नीचे के लोगों को। राऊत ने दावा किया कि यह बात ठाणे पुलिस और एसआईटी को भी पता है, एकनाथ शिंदे को पता है और हर किसी को पता है। फिर भी पुलिस आरोपियों को क्यों बचा रही है, उन्होंने यह सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि पुलिस आयुक्त आखिर किसे बचा रहे हैं।
राऊत ने बताया कि कल उन्होंने पुलिस आयुक्त को सबूत सौंपे। उनके मुताबिक सबूत देखने के बाद आयुक्त भी कायल हो गए। राऊत का कहना है कि मिनाक्षी शिंदे और राजेंद्र शिंदे आरोपी हैं और पुलिस को भी यकीन हो गया है कि वही सूत्रधार हैं। इसके बावजूद अगर अटक नहीं होती, तो राज्य को कमजोर और लाचार गृहमंत्री मिला है, ऐसा उन्होंने कहा। राऊत ने दावा किया कि इस मामले में गृहमंत्री की बलि चढ़ेगी। उन्होंने कहा कि विधिमंडल का अधिवेशन आने वाला है, पार्लियामेंट भी शुरू होगा और लोगों का दबाव है। कार्रवाई नहीं हुई तो पुलिस आयुक्त और गृहमंत्री की बलि चढ़ेगी, यह उनका दावा है।
पालकमंत्री पर निशाना साधते हुए राऊत ने कहा कि एक निर्दोष राजनीतिक कार्यकर्ता की हत्या हुई है और उसे दबाने का काम पालकमंत्री और दूसरे लोग कर रहे हैं। उनके मुताबिक कल उनका आंदोलन भी दबाया गया। राऊत ने कहा कि इन्हें शर्म आनी चाहिए, इन्हें सबूत देखने चाहिए थे और आंदोलन में उनके साथ आना चाहिए था। उन्होंने कहा कि बालासाहेब की शिवसेना इतनी अमानवीय नहीं थी और इसका मतलब है कि आप डुप्लिकेट हैं। राऊत ने कहा कि पूर्णेकर के बेटे को पुलिस घसीटकर ले गई, जबकि वह अकेले पालकमंत्री के घर निवेदन देने और सच बताने जा रहा था। उन्होंने चेतावनी दी कि आगे चलकर पूर्णेकर प्रकरण गृहमंत्री और ठाणे के पालकमंत्री को महंगा पड़ेगा।
राऊत ने बताया कि कल आदित्य ठाकरे के साथ सभी नेता और पदाधिकारी पुलिस से मिलने गए थे। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख लोग भी वहां मौजूद थे और सर्वदलीय आंदोलन चल रहा था। उन्होंने कहा कि पुलिस आयुक्त अच्छे इंसान हैं, लेकिन वे दबाव में थे। राऊत के मुताबिक इस मामले में अगले आंदोलन की दिशा तय की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि वे ठाणे किसी राजनीतिक बारात में नहीं गए थे, बल्कि आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने गए थे।
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