दिवाली से पहले 73 लाख किसानों को मिले 5,000 रुपये, फडणवीस ने बताया
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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को कहा कि सूखा राहत की पहली किस्त के 5,000 रुपये अब तक 73 लाख किसानों के खाते में पहुंच चुके हैं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को बताया कि सूखा राहत की पहली किस्त के तौर पर अब तक 73 लाख किसानों को 5,000 रुपये मिल चुके हैं। यह रकम दिवाली से पहले देने का वादा किया गया था। उन्होंने कहा कि कुछ किसानों को पैसा देर से मिल रहा है, क्योंकि उनके बैंक खातों में दिक्कतें आ रही हैं।
फडणवीस ने पत्रकारों से कहा कि पात्र किसानों में से करीब 95 फीसदी को अगले दो दिन में यह रकम मिल जाने की उम्मीद है। उन्होंने भरोसा दिलाया, "दिवाली से पहले जो अग्रिम भुगतान देने का वादा था, वह अब तक 73 लाख किसानों के खातों में पहुंच चुका है। अगले दो दिन में ज्यादातर किसानों के खातों में पैसा पहुंच जाएगा।" राज्य सरकार इस साल कम बारिश के बाद महाराष्ट्र के 85 फीसदी हिस्से को सूखाग्रस्त घोषित कर चुकी है और दिवाली से पहले किसानों को 5,000 रुपये की अंतरिम मदद का ऐलान किया था।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मंत्री किसानों के घर जाएंगे और उनके साथ दिवाली मनाएंगे। उन्होंने साफ किया कि यह फैसला राज्य मंत्रिमंडल ने मिलकर लिया है। उनके शब्दों में, "यह मेरा आदेश नहीं है। सभी मंत्रियों ने बात की और लगा कि हमें किसानों के साथ दिवाली मनानी चाहिए।"
कर्जमाफी योजना के बारे में फडणवीस ने बताया कि बुधवार को 4.86 लाख किसानों के खातों में 4,764 करोड़ रुपये डाले गए। इनमें सबसे बड़ा हिस्सा मराठवाड़ा का रहा, जहां करीब 2.76 लाख लाभार्थी हैं। अब तक करीब 21 लाख किसानों को कर्जमाफी का फायदा मिल चुका है। लाभार्थियों की सूचियों की जांच चल रही है और भुगतान की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा, सुनेत्रा पवार की अगुवाई वाली NCP और एकनाथ शिंदे की शिवसेना को मिलाकर बनी महायुति सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और अलग-अलग योजनाओं से मदद दे रही है।
मराठवाड़ा के पानी पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह इलाका बरसों से पानी से वंचित रहा। उन्होंने कहा, "मराठवाड़ा को उसके हक का सात TMC पानी महायुति सरकार ने ही दिया।" उनके मुताबिक काम पूरा होने के करीब है और जल्दी ही पानी मिलने लगेगा। इसका सबसे ज्यादा फायदा धाराशिव और बीड जिलों को होगा।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए फडणवीस ने आरोप लगाया कि संविधान बचाने के नाम पर विपक्ष "रेजीम चेंज" की कोशिश कर रहा है। उनका दावा था कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और INDIA गठबंधन की अगुवाई में मौजूदा व्यवस्था को बदलने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा, "रेजीम चेंज का मतलब है संविधान बदलना।" उन्होंने यह भी कहा कि सत्ताधारी गठबंधन ऐसी कोशिशों का जवाब देने के लिए सड़क पर भी उतरेगा। उनके मुताबिक, "सड़कों पर उतरने वालों से ज्यादा लोग भारतीय संविधान और लोकतंत्र के साथ हैं। लोग अराजकता के खिलाफ हैं, इसीलिए हम ये मोर्चे निकाल रहे हैं।"
गन्ना किसानों के चल रहे आंदोलन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों और चीनी मिलों के बीच बातचीत से मामला सुलझाने की कोशिश कर रही है। विवाद इस बात पर है कि किसान चाहते हैं कि मिलें उचित और लाभकारी मूल्य यानी FRP से ज्यादा दाम दें। FRP सरकार तय करती है और उसे देना जरूरी है। फडणवीस ने कहा कि इस आंदोलन से किसानों का ही नुकसान हो रहा है और उन्होंने किसानों से शांति से आंदोलन खत्म करने की अपील की। मंत्री हसन मुश्रीफ को बातचीत करके हल निकालने के लिए कहा गया है और सरकार बीच में मध्यस्थ की भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा, "हम रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे हैं और चाहते हैं कि आंदोलन शांति से खत्म हो।"
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