पनवेल महानगरपालिका की अपील: पटाखों के बिना मनाएं दिवाली, हवा को रखें साफ
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पनवेल महानगरपालिका ने लोगों से पर्यावरण के अनुकूल दिवाली मनाने और पटाखे न फोड़ने की अपील की है।
पनवेल महानगरपालिका ने शहर के लोगों से अपील की है कि इस बार दिवाली पर पटाखे न फोड़ें और त्योहार पर्यावरण के अनुकूल तरीके से मनाएं। निगम का कहना है कि इससे हवा में बढ़ता प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी।
यह अपील माझी वसुंधरा अभियान 7.0 के तहत जारी की गई है। निगम आयुक्त मंगेश चितले ने नागरिकों से प्रदूषण मुक्त तरीके से त्योहार मनाने को कहा है।
निगम के मुताबिक पटाखों से कार्बन डाइऑक्साइड, सल्फर और दूसरी जहरीली गैसें निकलती हैं, जिससे वायु प्रदूषण बढ़ता है। इन गैसों का असर पेड़-पौधों, पक्षियों, जानवरों और इंसानों, सब पर पड़ सकता है। साथ ही जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान की चुनौती भी इससे और बड़ी होती है। निगम ने कहा कि खासकर त्योहारों और जश्न के मौके पर प्रदूषण घटाने की जिम्मेदारी हर आदमी को खुद उठानी चाहिए।
उपायुक्त स्वरूप खरगे के मार्गदर्शन में निगम हवा की क्वालिटी सुधारने के लिए कदम उठा रहा है और लोगों में जागरूकता के कार्यक्रम भी चला रहा है। माझी वसुंधरा अभियान 7.0 के तहत निगम साल भर पर्यावरण जागरूकता की गतिविधियां भी कराता है, ताकि लोग टिकाऊ आदतें अपनाएं।
निगम ने नागरिकों से कहा है कि दिवाली और बाकी त्योहारों को पटाखा मुक्त, कचरा मुक्त और प्रदूषण मुक्त Green Festivals के रूप में मनाएं। उसने यह भी कहा कि जहां तक हो सके पटाखों का इस्तेमाल टालें। जिन्हें पटाखे चाहिए ही, उनके लिए निगम ने बिना शोर वाले, रोशनी देने वाले पटाखों को अपनाने की बात कही है।
इसी बीच बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से कहा है कि वह सुप्रीम कोर्ट के उन निर्देशों पर विचार करे, जिनमें दिवाली पर पटाखे फोड़ने का समय तय किया गया है। मकसद शहर में पर्यावरण और सेहत के गंभीर खतरों को रोकना है।
हाई कोर्ट ने 13 पन्नों का यह आदेश तब दिया, जब उसने अभिनेत्री दिया मिर्जा के दिवाली वाले एक वीडियो को ब्रिहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की ओर से हटाए जाने का खुद संज्ञान लिया। जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस नीला गोखले की बेंच ने आदेश में सुप्रीम कोर्ट के 29 अक्टूबर के निर्देशों का जिक्र किया। वे निर्देश त्योहारी सीजन में दिल्ली-NCR इलाके में बढ़े प्रदूषण को देखते हुए दिए गए थे।
बुधवार को उपलब्ध कराए गए आदेश में हाई कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार और दूसरे प्राधिकरणों, जिनमें महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, BMC और पुलिस विभाग शामिल हैं, के लिए इन निर्देशों पर विचार करना ठीक रहेगा। खासतौर पर पटाखे फोड़ने के समय वाले निर्देशों पर।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि दिवाली पर मंजूर किए गए ग्रीन पटाखे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सिर्फ दो समय में फोड़े जाएं: सुबह 6 बजे से 7 बजे तक और रात 8 बजे से 10 बजे तक।
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