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नैना इलाके के जमीन मालिक बनेंगे विकास के साझेदार, शिंदे ने दिया भरोसा

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पनवेल में कहा कि नैना क्षेत्र में जमीन देने वाले लोग सिर्फ फायदा लेने वाले नहीं, विकास में बराबर के भागीदार होंगे।

नैना इलाके के जमीन मालिक बनेंगे विकास के साझेदार, शिंदे ने दिया भरोसा तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने नवी मुंबई एयरपोर्ट इन्फ्लुएंस नोटिफाइड एरिया (नैना) के जमीन मालिकों को भरोसा दिलाया है कि वे सिर्फ योजनाओं का फायदा उठाने वाले नहीं, बल्कि विकास के साझेदार होंगे। उन्होंने कहा कि अटके हुए मसले जल्द निपटाए जाएंगे और इलाके का विकास सोच-समझकर, लोगों को ध्यान में रखकर किया जाएगा।

शिंदे रविवार को पनवेल में हुए एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस कार्यक्रम में सिडको (सिटी एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) की तरफ से नैना क्षेत्र में कराए जाने वाले विकास कामों की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार समेत कई लोग मौजूद थे।

कार्यक्रम में जमीन मालिकों को प्रॉपर्टी कार्ड बांटे गए। नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जुड़ने वाली अहम सड़कों और उरण बायपास रोड का उद्घाटन भी हुआ।

शिंदे के मुताबिक नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट, अटल सेतु और नए कनेक्टिविटी प्रोजेक्टों से पनवेल-उरण-नैना पट्टे के विकास को बड़ा सहारा मिला है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे, मुंबई-गोवा हाईवे और दूसरे इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट इस इलाके की संभावनाएं और बढ़ाएंगे। जिसे 'थर्ड मुंबई' कहा जा रहा है, उसके लिए यह इलाका ग्रोथ इंजन बन सकता है।

नैना प्रोजेक्ट को लेकर लोगों के मन में जो चिंता और अनिश्चितता है, उस पर शिंदे ने कहा कि सरकार ने प्रक्रिया को लोगों के ज्यादा करीब लाने के कदम उठाए हैं। बेटरमेंट चार्ज को शून्य किया गया है, फ्रीहोल्ड की प्रक्रिया तेज की गई है और जमीन मालिकों को प्रॉपर्टी कार्ड दिए जा रहे हैं।

शिंदे ने कहा, "लोग जब अपनी जमीन देते हैं, तो उन्हें उचित सुविधाएं और इन्फ्रास्ट्रक्चर मिलना चाहिए। सरकार का तरीका प्रोजेक्ट को जबरन आगे धकेलने का नहीं, बल्कि लोगों के सुझावों के हिसाब से उसे विकसित करने का है।" उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पुराने मसले सुलझाने के लिए पक्की है और चाहती है कि स्थानीय लोगों की विकास में अहम भूमिका रहे।

नैना क्षेत्र में रहने के लिए हाउसिंग कॉम्प्लेक्स बनेंगे और साथ में जरूरी सुविधाएं भी होंगी, जैसे पानी की सप्लाई, सड़कें, सीवेज सिस्टम, बिजली, गार्डन, स्कूल, अस्पताल और खेल के मैदान।

पानी की योजनाओं में प्रस्तावित कोंढाणे बांध प्रोजेक्ट को शिंदे ने अहम हिस्सा बताया। इसकी लागत करीब 5,300 करोड़ रुपये आंकी गई है। उन्होंने भरोसा दिया कि इस प्रोजेक्ट की अड़चनें दूर करने की कोशिश की जाएगी।

शिंदे के अनुसार नैना प्लानिंग एरिया में एजु-सिटी, मेडी-सिटी, स्पोर्ट्स सिटी, एरो-सिटी और नॉलेज सिटी जैसे प्रस्तावित प्रोजेक्टों से रोजगार और कमाई के मौके बनने की उम्मीद है। कनेक्टिविटी को मुंबई-नवी मुंबई मेट्रो, अटल सेतु, मिसिंग लिंक और दूसरी योजनाओं से और मजबूत किया जाएगा।

शिंदे ने कहा, "बेहतर कनेक्टिविटी से विकास की रफ्तार बढ़ती है, वक्त और ईंधन बचता है और प्रदूषण घटता है।" नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अटल सेतु से मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में इस इलाके तक पहुंचना आसान होगा, जिससे रिहायशी विकास, आर्थिक गतिविधियों और नए निवेश को बल मिलेगा।

शिंदे ने दावा किया कि महाविकास अघाड़ी सरकार के दौरान प्रोजेक्टों में देरी और रुकावटें आईं, जबकि 2022 में सत्ता में आने के बाद महायुति सरकार ने अड़चनें हटाकर काम की रफ्तार बढ़ाई। उन्होंने कहा, "हमारा पैर ब्रेक पर नहीं, एक्सीलेटर पर है।"

उन्होंने बताया कि नैना क्षेत्र का विकास तीन सिद्धांतों पर चलेगा: पारदर्शिता, भरोसा और बदलाव। उन्होंने फिर कहा कि जमीन मालिकों को प्रक्रिया में साझेदार माना जाएगा, न कि सरकारी योजनाओं के सिर्फ लाभार्थी। शिंदे ने मुंबई महानगर क्षेत्र के बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्टों का भी जिक्र किया, जिनमें प्रस्तावित वाढवण बंदरगाह भी शामिल है। उनके मुताबिक ये योजनाएं पूरे इलाके को आर्थिक विकास का केंद्र बनाने में मदद कर सकती हैं।

कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री भरतशेठ गोगावले, सांसद श्रीरंग बारणे और सुनील तटकरे, जिला परिषद अध्यक्ष मंगेश वाकडीकर, विधायक निरंजन डावखरे, ज्ञानेश्वर म्हात्रे, विक्रांत पाटिल, अनिकेत तटकरे, प्रशांत ठाकुर, महेश बालदी और नितेश पाटिल, पूर्व सांसद रामशेठ ठाकुर, जय म्हात्रे, मिलिंद भरंभे, सिद्धराम सलीमठ और सिडको के प्रबंध निदेशक अश्विन मुद्गल मौजूद थे। इनके साथ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, किसान और स्थानीय लोग भी आए थे।

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