ISIS मॉड्यूल केस में डॉ. अदनानाली सरकार दोषी, छह साल सश्रम कैद
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मुंबई की विशेष NIA अदालत ने महाराष्ट्र के ISIS मॉड्यूल मामले में डॉ. अदनानाली सरकार को दोषी ठहराकर छह साल की सश्रम कैद और 65 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी। बाकी पांच आरोपियों का मुकदमा जारी है।
महाराष्ट्र के ISIS आतंकी मॉड्यूल वाले मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को बड़ी कामयाबी मिली है। मुंबई की विशेष NIA अदालत ने इस केस के आरोपी डॉ. अदनानाली सरकार को दोषी करार दिया है। अदालत ने उसे अधिकतम छह साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई और 65 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। यह सजा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून यानी UAPA और भारतीय दंड संहिता यानी IPC की अलग-अलग धाराओं के तहत दी गई है।
NIA की जांच के मुताबिक इस मामले में आतंकी संगठन की विचारधारा फैलाने, नौजवानों की भर्ती करने और आतंकी गतिविधियों के लिए पैसा जुटाने की कथित साजिश रची गई थी। एजेंसी ने आरोप लगाया था कि आरोपी ISIS के संपर्क में रहकर संगठन के कट्टरपंथी विचारों को फैलाने का काम कर रहे थे।
जांच के दौरान ISIS के प्रचार वाले पर्चे भी सामने आए थे। "वॉयस ऑफ हिंद" और "वॉयस ऑफ खोरासान" नाम से जाना जाने वाला प्रचार साहित्य संगठन की सोच फैलाने के लिए इस्तेमाल हो रहा था, ऐसा जांच में खुलासा हुआ था। यह भी आरोप लगाया गया था कि नौजवानों को कट्टरपंथी विचारों की ओर खींचने और उन्हें संगठन की कारवाइयों में शामिल करने की कोशिश की गई।
इस केस में डॉ. अदनानाली सरकार के खिलाफ UAPA की धारा 13, 18, 20, 38 और 39 के साथ IPC की धारा 201 और 120-बी के तहत लगे आरोप साबित हुए। इसके बाद विशेष अदालत ने उसे छह साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई और 65 हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश भी दिया।
NIA ने इस मामले में कुल छह आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इनमें से डॉ. अदनानाली सरकार को अदालत ने दोषी ठहराया है, जबकि बाकी पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा अभी चल रहा है और अदालती कार्यवाही आगे जारी रहेगी। ISIS के महाराष्ट्र में कथित नेटवर्क की जांच और उसके पीछे की साजिश उजागर करने के लिहाज से इस सजा को अहम माना जा रहा है। हालांकि बाकी आरोपियों के बारे में अदालत का आखिरी फैसला आना अभी बाकी है।
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