मुंबई में प्रदूषण पर BMC की सख्ती, निर्माण स्थलों के लिए 28 नियम और 76 दस्ते
BMC ने मुंबई की हवा सुधारने के लिए निर्माण और तोड़फोड़ वाली साइटों पर 28 बिंदुओं की गाइडलाइन जारी की है और जांच के लिए 76 दस्ते लगाए हैं।
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बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने मुंबई में वायु प्रदूषण को काबू में रखने के लिए कई कदम गिनाए हैं। इनमें निर्माण और तोड़फोड़ वाली साइटों के लिए 28 बिंदुओं की गाइडलाइन, वार्ड स्तर के दस्तों की जांच और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई शामिल है।
BMC की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक 22 अक्टूबर 2026 तक मुंबई में 231 दिन ऐसे रहे जब एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 'गुड' और 'सैटिस्फैक्टरी' श्रेणी में था। 2025 में यह आंकड़ा 218 दिन, 2024 में 216 दिन और 2023 में 185 दिन था। विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के PRANA पोर्टल के आंकड़ों के हिसाब से 2017-18 से 2025-26 के बीच मुंबई में PM10 की मात्रा करीब 48 प्रतिशत घटी है।
28 बिंदुओं की गाइडलाइन के तहत निर्माण स्थल को हरे कपड़े, जूट की शीट या तिरपाल से घेरना होगा, ताकि धूल न फैले। जिस इमारत को गिराया जा रहा है उसे ऊपर से नीचे तक ढकना होगा और तोड़फोड़ के दौरान लगातार पानी का छिड़काव करना होगा।
70 मीटर से ऊंचे निर्माण प्रोजेक्ट और एक एकड़ से ज्यादा में फैले लेआउट के लिए कम से कम 35 फीट ऊंचे मेटल शीट के बैरिकेड जरूरी हैं। एक एकड़ से छोटी साइटों पर बैरिकेड कम से कम 25 फीट ऊंचे होने चाहिए।
माल चढ़ाते और उतारते समय साइट पर वॉटर स्प्रिंकलर या फॉगिंग सिस्टम चलाना होगा। मलबे, मिट्टी और हवा में महीन कण उड़ाने वाली दूसरी चीजों पर भी पानी छिड़कना होगा। घिसाई, कटाई, ड्रिलिंग, आरी चलाने और छंटाई का काम बंद जगह में होगा, जहां धूल बाहर न निकले इसके लिए लगातार पानी का छिड़काव या फॉगिंग चलेगी।
गाइडलाइन में निर्माण स्थलों पर सेंसर वाले वायु प्रदूषण मॉनिटर लगाना भी जरूरी किया गया है। प्रदूषण तय सीमा से ऊपर जाए तो फौरन कार्रवाई करनी होगी और जांच के वक्त मॉनिटरिंग का डेटा निगम अधिकारियों को दिखाना होगा। BMC के मुताबिक 3,166 निर्माण स्थलों ने ये मॉनिटर लगा लिए हैं और उन्हें एक सेंट्रल डैशबोर्ड से जोड़ा गया है, जिस पर निगम रीडिंग देखता है।
साइट की चारदीवारी पर CCTV कैमरे लगाने होंगे, ताकि पता चले कि गाड़ियां टायर साफ करके निकल रही हैं या नहीं और उनमें ज्यादा माल तो नहीं लदा। निर्माण सामग्री और मलबा ढोने वाली गाड़ियां ऊपर और चारों तरफ से पूरी तरह ढकी होनी चाहिए, ओवरलोड नहीं होनी चाहिए और उनके पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र होना चाहिए।
BMC ने बताया कि 76 वार्ड स्तर के दस्ते अचानक और बेतरतीब निरीक्षण करते हैं। हर दस्ता रोज कम से कम दो निर्माण स्थलों की जांच करता है और प्रदूषण वाले हॉटस्पॉट पर नियमों के पालन का फॉलो-अप लेता है। गाइडलाइन के हिसाब से एक दस्ते में दो वार्ड इंजीनियर, एक पुलिसकर्मी, एक मार्शल और एक गाड़ी होगी, और उसकी अगुवाई वार्ड का कोई वरिष्ठ अधिकारी करेगा।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, "अगर कोई साइट तय उपायों का उल्लंघन करती पाई गई, तो कार्रवाई में कारण बताओ नोटिस, काम रोकने का नोटिस या परिसर को सील करना शामिल हो सकता है। BMC ने कहा कि कार्रवाई साइट के हिसाब से बनी निरीक्षण रिपोर्ट, फोटो और वीडियो के आधार पर की जाती है।" वार्ड अधिकारियों से यह भी कहा गया है कि वे निर्माण और तोड़फोड़ का कचरा चोरी-छिपे फेंके जाने से रोकने के लिए, खासकर रात में, विशेष दस्ते लगाएं।
साइटों पर निकलने वाला मलबा वेस्ट मैनेजमेंट प्लान के मुताबिक तय डंपिंग जगहों पर ले जाना होगा और खाली करने के बाद गाड़ियों को अच्छे से धोना होगा। मलबे की आवाजाही और उसके मंजूर निपटान पर मुंबई डेब्रिस कंट्रोल एंड ट्रैकिंग सिस्टम (MDCTS) से नजर रखी जाती है।
निगम के मुताबिक सड़कों पर जमी धूल हटाने के लिए डीप क्लीनिंग होती है और 29 मल्टीपर्पज गाड़ियों से रोज की सफाई भी की जाती है। डेवलपर और ठेकेदारों को अपनी साइट के आकार के हिसाब से आसपास की सड़कें साफ करनी होंगी। साइट के निकास पर टायर धोने की सुविधा भी जरूरी है। रेडी-मिक्स कंक्रीट वाहनों की सफाई जांचने और साफ दिखने वाले प्रदूषण फैलाती गाड़ियों पर कार्रवाई के लिए BMC ट्रैफिक पुलिस के साथ तालमेल कर रही है।
BMC की सीमा में खुले में कचरा या दूसरी चीजें जलाने पर पूरी पाबंदी है, खासकर कचरा डालने की जगहों पर। निर्माण स्थलों पर रहने वाले मजदूरों के खाने का इंतजाम डेवलपर और ठेकेदार करेंगे, ताकि लकड़ी जैसे ईंधन न जलें। सिक्योरिटी गार्ड और मजदूरों का, खासकर रात में, ऐसा ईंधन जलाना मना है, और उनके लिए इलेक्ट्रिक हीटर देने होंगे।
प्रेस नोट के अनुसार मुंबई के कणीय प्रदूषण में बेकरियों का हिस्सा करीब 3.5 प्रतिशत है। शहर की 593 बेकरियों में से 209 पहले से साफ ईंधन इस्तेमाल कर रही थीं और 175 ने बदलाव कर लिया है। 69 में बदलाव चल रहा है, 87 अब भी नियमों का पालन नहीं कर रही हैं और आठ बंद हो चुकी हैं। नए बेकरी लाइसेंस और मंजूरी के लिए हरा ईंधन जरूरी है और लाइसेंस देने से पहले इसकी जांच होगी।
निगम 10 श्मशानों में प्रदूषण नियंत्रण उपकरण लगा रहा है। उसका 2026 का शीतकालीन प्रदूषण रोकथाम और कार्रवाई योजना हॉटस्पॉट, खुले में जलाने, निर्माण स्थलों के पालन, सड़क की धूल और वाहनों की जांच को कवर करती है। दिवाली से पहले BMC ने फिर दोहराया कि सार्वजनिक सड़कों, गलियों, फुटपाथों और साइलेंस जोन समेत सार्वजनिक जगहों पर पटाखे फोड़ने की इजाजत नहीं है।
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