गुरूवार, 5 नवंबर 2026

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MPSC ग्रुप-सी परीक्षा के लिए 16,000 से ज्यादा पदों की सिफारिश, उम्र सीमा में एक साल की छूट

MPSC ग्रुप-सी परीक्षा के लिए 16,000 से ज्यादा पदों की सिफारिश, उम्र सीमा में एक साल की छूट तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
पढ़ाई PT24 शिक्षा डेस्क

आईएएस अधिकारी वी. राधा की अध्यक्षता वाली समिति ने महाराष्ट्र सरकार को अंतरिम रिपोर्ट सौंपी है। उसमें पदों की संख्या बढ़ाने, एक बार की उम्र छूट और पेपर की सख्त सुरक्षा की सिफारिश है।

महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की ग्रुप-सी संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा 2026 में पदों की संख्या बढ़ाकर 16,000 से ज्यादा करने की सिफारिश की गई है। एक उच्चस्तरीय समिति ने यह सिफारिश की है। साथ ही सभी भर्ती परीक्षाओं के लिए ऊपरी उम्र सीमा में एक बार के लिए एक साल की छूट देने का सुझाव भी दिया गया है।

समिति की अध्यक्षता आईएएस अधिकारी वी. राधा कर रही हैं। समिति ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट महाराष्ट्र सरकार को सौंप दी है। गुरुवार को जारी सरकारी बयान के मुताबिक, रिपोर्ट में भर्ती प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के उपाय सुझाए गए हैं।

ग्रुप-सी परीक्षा 2026 के लिए करीब 12 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। अब तक इसके लिए 5,000 से ज्यादा पदों का विज्ञापन निकल चुका है। इसके अलावा अलग-अलग सरकारी विभागों ने 11,000 से ज्यादा और पदों की मांग MPSC को भेजी है। समिति ने कहा है कि इन पदों को भी इसी भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाए। ऐसा हुआ तो कुल पद 16,000 से ऊपर पहुंच जाएंगे।

ये सिफारिशें ऐसे वक्त आई हैं जब MPSC की परीक्षाओं में गड़बड़ी और गलत तरीकों के आरोप लग रहे हैं और परीक्षा की तैयारी करने वाले उम्मीदवार प्रदर्शन कर रहे हैं।

उम्र सीमा को लेकर समिति ने खास उपाय के तौर पर सभी भर्ती परीक्षाओं की ऊपरी उम्र सीमा में एक बार के लिए एक साल की छूट देने को कहा है। यह छूट उन विज्ञापनों पर लागू होगी जो 1 जनवरी 2026 के बाद जारी हुए हैं और जिनकी चयन प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है। यह छूट 31 दिसंबर 2027 तक के लिए प्रस्तावित है।

समिति ने यह भी सुझाया है कि ग्रुप-सी परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया एक बार फिर खोली जाए। इससे वे उम्मीदवार भी आवेदन कर सकेंगे जो बढ़े हुए पदों और प्रस्तावित उम्र छूट की वजह से पात्र बनेंगे।

ग्रुप-सी प्रारंभिक परीक्षा का मौजूदा पैटर्न और सिलेबस वैसा ही रखने की सलाह दी गई है। जिन नए संवर्गों को शामिल किया जाएगा, उनकी मुख्य परीक्षा का सिलेबस जल्द से जल्द घोषित करने को भी कहा गया है। बयान के मुताबिक इन सिफारिशों का मकसद उम्मीदवारों की चिंताएं दूर करना और अतिरिक्त पद जुड़ने के बावजूद भर्ती प्रक्रिया को एक जैसा बनाए रखना है।

एहतियात के तौर पर समिति ने मौजूदा प्रश्नपत्र तैयार करने की कवायद रद्द करने और सुरक्षित तरीके से नए पेपर बनाने की सिफारिश की है। यह प्रस्ताव MPSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की चिंता के बीच आया है। समिति ने प्रश्नपत्रों और उत्तरपुस्तिकाओं की छपाई, भंडारण और ढुलाई के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की भी मांग की है।

परीक्षा केंद्रों पर भी कई इंतजाम सुझाए गए हैं, जिनमें पुलिस की तैनाती, CCTV से निगरानी और सिग्नल जैमर का इस्तेमाल शामिल है। छपाई से लेकर ढुलाई और भंडारण तक, परीक्षा सामग्री को हर स्तर पर संभालने के लिए ज्यादा पुख्ता सुरक्षा उपाय करने को भी कहा गया है।

यह समिति 4 सितंबर 2026 को बनाई गई थी। इसका गठन MPSC उम्मीदवारों के प्रदर्शनों और गड़बड़ियों के आरोपों के बाद हुआ था।

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