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माहिम में फिर खुला सीफूड प्लाज़ा, महिला बचत गुटों के स्टॉल पर मिलेगी मछली की कई डिश

मुंबई के पहले सीफूड प्लाज़ा में महिला स्वयं सहायता समूहों के स्टॉल शुरू हो गए हैं। यह हफ्ते में चार दिन शाम 7 से रात 11 बजे तक खुलेगा।

माहिम में फिर खुला सीफूड प्लाज़ा, महिला बचत गुटों के स्टॉल पर मिलेगी मछली की कई डिश तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

मुंबई का पहला सीफूड प्लाज़ा, जो माहिम चौपाटी के पास है, दोबारा खुल गया है। यहां अब महिला स्वयं सहायता समूहों के स्टॉल लगे हैं और आने वालों को मछली की कई तरह की डिश मिल रही हैं। प्लाज़ा हर बुधवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को शाम 7 बजे से रात 11 बजे तक खुला रहेगा।

ये स्टॉल शनिवार, 24 अक्टूबर को शुरू हुए। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने यह पहल फिर से शुरू की है। इसका मकसद शहर की कोली खान-पान संस्कृति को बढ़ावा देना, महिलाओं की रोज़ी-रोटी में मदद करना और पर्यटन को आगे बढ़ाना है।

दोबारा शुरू होने के मौके पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के समूह नेता और G नॉर्थ वार्ड समिति के अध्यक्ष यशवंत किल्लेदार मौजूद थे। उनके साथ मराठी अभिनेता कमलाकर सातपुते और G नॉर्थ वार्ड के असिस्टेंट कमिश्नर योगेश देसाई भी आए। महानगरपालिका के अधिकारी और स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं भी कार्यक्रम में शामिल हुईं।

प्लाज़ा में सजावटी लाइटें लगी हैं, एक सेल्फी पॉइंट है और लोगों के बैठने का इंतज़ाम भी किया गया है। यहां आने वाले पारंपरिक कोली खाने और संस्कृति का अनुभव ले सकते हैं।

BMC ने माहिम चौपाटी के पास यह प्लाज़ा मुंबई के कोलीवाड़ों के आसपास का माहौल सुधारने, स्थानीय खान-पान की परंपरा को बढ़ावा देने और महिला स्वयं सहायता समूहों को कमाई के मौके देने के लिए शुरू किया था। महानगरपालिका के मुताबिक पिछले कुछ सालों में यहां हज़ारों पर्यटक आ चुके हैं।

इस पहल से जुड़ी महिलाओं को मछली से बनने वाले प्रोडक्ट की ट्रेनिंग दी गई है, ताकि वे कारोबार के गुर सीख सकें और उनकी आमदनी की संभावनाएं बेहतर हों। BMC का कहना है कि वह महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना चाहती है और साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था में भी योगदान देना चाहती है।

G नॉर्थ वार्ड के असिस्टेंट कमिश्नर योगेश देसाई ने लोगों से अपील की कि वे प्लाज़ा में आएं और शहर की पारंपरिक कोली संस्कृति और खान-पान का साथ दें।

इसी महीने की शुरुआत में BMC ने अपने मुख्यालय में खादी और ग्रामोद्योग के उत्पादों की तीन दिन की प्रदर्शनी भी लगाई थी। इसका मकसद स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को बढ़ावा देना और उन्हें बड़ा बाज़ार दिलाना था।

यह प्रदर्शनी महाराष्ट्र राज्य खादी और ग्रामोद्योग मंडल के साथ मिलकर लगाई गई थी। 13 अक्टूबर को BMC के सदन नेता गणेश खणकर ने इसका उद्घाटन किया। उस वक्त मंडल के अध्यक्ष रवींद्र साठे भी मौजूद थे, जिन्हें राज्यमंत्री का दर्जा मिला हुआ है।

खणकर ने BMC के अधिकारियों और कर्मचारियों से यह भी अपील की कि वे हफ्ते में कम से कम एक बार खादी के कपड़े पहनें। उन्होंने मुंबई के लोगों से भी खादी और ग्रामोद्योग के उत्पाद खरीदने को कहा।

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