महाराष्ट्र में BSc नर्सिंग दाखिले के लिए जीरो परसेंटाइल वाले भी योग्य, आखिरी तारीख 15 नवंबर
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इंडियन नर्सिंग काउंसिल की मंज़ूरी के बाद क्वालिफाइंग परसेंटाइल घटाकर ज़ीरो किया गया है और दाखिले की डेडलाइन 15 नवंबर, 2026 तक बढ़ी है।
BSc नर्सिंग में दाखिला लेना चाहने वाले स्टूडेंट्स के लिए महाराष्ट्र से राहत की खबर है। राज्य में इस कोर्स के एडमिशन की एलिजिबिलिटी में ढील दे दी गई है और क्वालिफाइंग परसेंटाइल अब ज़ीरो कर दिया गया है। यानी जो कैंडिडेट महाराष्ट्र नर्सिंग कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) में बैठे थे, उन्हें ज़ीरो परसेंटाइल आने पर भी दाखिले के लिए योग्य माना जा सकता है।
यह फैसला इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) की मंज़ूरी के बाद हुआ है। काउंसिल क्वालिफाइंग क्राइटेरिया में ढील देने के लिए राज़ी हुई और उसने एडमिशन की डेडलाइन भी बढ़ाकर 15 नवंबर, 2026 कर दी।
ढील की वजह क्या रही? दरअसल पूरे महाराष्ट्र में BSc नर्सिंग की बहुत सारी सीटें खाली पड़ी हैं। राज्य सरकार ने हाल ही में आठ जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (GNM) कॉलेजों को डिग्री-लेवल नर्सिंग कॉलेजों में बदला, ताकि नर्सिंग की सीटें बढ़ें। इसके साथ मेडिकल कॉलेजों से जुड़े पांच नर्सिंग कॉलेजों की इनटेक कैपेसिटी भी बढ़ाई गई। इन दोनों कदमों से राज्य के BSc नर्सिंग प्रोग्राम में करीब 1,000 सीटें जुड़ गईं।
लेकिन बताया जा रहा है कि पिछले कुछ महीनों में सीटें बढ़ने का सिलसिला शुरू होने के बाद भी कई स्टूडेंट्स को इन नए मौकों की जानकारी ही नहीं थी। नतीजा यह हुआ कि कई नर्सिंग कॉलेजों में सीटें खाली रह गईं।
अब डेडलाइन की बात। मेडिकल एजुकेशन एंड ड्रग्स डिपार्टमेंट ने 12 अक्टूबर, 2026 को इंडियन नर्सिंग काउंसिल को चिट्ठी लिखी थी। उसमें एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया में ढील देने और एडमिशन का शेड्यूल आगे बढ़ाने की गुज़ारिश की गई थी। INC ने इस रिक्वेस्ट पर गौर किया। साथ ही एक रिट पिटीशन में बॉम्बे हाई कोर्ट की औरंगाबाद बेंच के फैसले का हवाला देते हुए ढील को मंज़ूरी दी और डेडलाइन 15 नवंबर तक बढ़ा दी।
काउंसिल ने यह भी साफ़ कर दिया है कि यह छूट सिर्फ़ एक बार के लिए है और सिर्फ़ महाराष्ट्र पर लागू होती है। दूसरे राज्य या केंद्र शासित प्रदेश इसे अपने यहां ऐसे एक्सटेंशन का आधार नहीं बना सकते। इसके अलावा बदली हुई डेडलाइन के बाद कोई और एक्सटेंशन नहीं मिलेगा।
जो स्टूडेंट्स पहले मिनिमम परसेंटाइल की शर्त की वजह से एडमिशन नहीं ले पाए थे, उन्हें इस बदलाव से एक और मौका मिलने की उम्मीद है। क्वालिफाइंग परसेंटाइल ज़ीरो होने के बाद CET में शामिल हुए ज़्यादा कैंडिडेट उपलब्ध सीटों के लिए दावेदारी कर सकेंगे।
इस फैसले से नर्सिंग कॉलेजों को अपनी खाली सीटें भरने में मदद मिलेगी, और BSc नर्सिंग में दाखिला चाहने वालों के पास ज़्यादा विकल्प होंगे। स्टूडेंट्स को सलाह दी गई है कि बदले हुए एडमिशन शेड्यूल और आगे के निर्देशों के लिए ऑफिशियल महाराष्ट्र स्टेट CET सेल की वेबसाइट देखते रहें। एडमिशन की आखिरी डेडलाइन 15 नवंबर, 2026 है।
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