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RETMS पर 2,14,917 शिकायतें, बीएमसी ने तोड़फोड़ पूरी की सिर्फ 13,211 मामलों में

शहर PT24 शहर डेस्क

आरटीआई से मिले आंकड़ों के मुताबिक दस साल में अवैध निर्माण की 2,14,917 शिकायतें दर्ज हुईं, पर तोड़फोड़ सिर्फ 13,211 मामलों में पूरी हुई।

महाराष्ट्र सरकार मुंबई को शांघाई बनाने का सपना देख रही है, लेकिन सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मिली जानकारी बताती है कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) का कामकाज इस सपने के आड़े आ रहा है। मुंबई में अवैध निर्माण की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है और बीएमसी के ऑनलाइन RETMS शिकायत सिस्टम के असर पर सवाल उठ रहे हैं।

बीएमसी ने यह ऑनलाइन RETMS सिस्टम 1 मार्च 2016 को शुरू किया था, ताकि लोग अवैध निर्माण के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकें। आरटीआई कार्यकर्ता शकील अहमद शेख ने पूर्वी उपनगर के अतिक्रमण निष्कासन विभाग से शिकायतों, जारी नोटिस और की गई तोड़फोड़ की कार्रवाई के बारे में जानकारी मांगी थी। पूर्वी उपनगर के जन सूचना अधिकारी और सहायक अभियंता (अतिक्रमण निष्कासन) ने जो जानकारी दी, उसके बाद बीएमसी के कामकाज पर सवाल खड़े हो गए हैं।

अवैध निर्माण की वजह से मुंबई में कई जानें जा चुकी हैं। कमला मिल्स कंपाउंड की आग, भानु फरसाण मार्ट की आग, होटल सिटी किनारा की आग, भेंडी बाजार में हुसैनी इमारत का गिरना और घाटकोपर में साई सिद्धि इमारत का गिरना ऐसी ही घटनाएं हैं। इनसे एक बार फिर साफ हुआ है कि अनधिकृत ढांचों पर वक्त रहते कार्रवाई कितनी जरूरी है।

बीएमसी की तैयार की गई वार्डवार डिटेल्स समरी काउंट रिपोर्ट के मुताबिक 1 मार्च 2016 से 26 अक्टूबर 2026 के बीच RETMS पोर्टल पर कुल 2,14,917 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें से 1,16,228 शिकायतों को डुप्लिकेट बता दिया गया, यानी असली शिकायतें 98,689 रहीं। तोड़फोड़ के आंकड़े और भी चिंताजनक हैं। दर्ज कुल शिकायतों के मुकाबले सिर्फ 13,211 मामलों में तोड़फोड़ पूरी हुई, जो करीब 6.15 फीसदी है।

इस पर पारदर्शिता की जरूरत है कि शिकायतों को डुप्लिकेट ठहराने का पैमाना क्या था, जांच की प्रक्रिया क्या रही और क्या शिकायतकर्ताओं को इसकी खबर दी गई। इसी तरह रिपोर्ट कहती है कि 29,916 मामलों में तोड़फोड़ जरूरी है, जबकि असल में 13,211 में ही हुई है। बाकी मामलों में क्या हुआ और तोड़फोड़ वाले सभी मामलों की मौजूदा स्थिति क्या है, यह प्रशासन को सार्वजनिक करना चाहिए।

शिकायतों के लिहाज से पांच सबसे ऊपर के वार्ड ये हैं। L वार्ड में 30,935 शिकायतें आईं और सिर्फ 637 पर तोड़फोड़ हुई। K/East वार्ड में 24,064 शिकायतें और सिर्फ 1,325 तोड़फोड़। M/East वार्ड में 14,510 शिकायतें और सिर्फ 159 तोड़फोड़। P/South वार्ड में 14,424 शिकायतें और सिर्फ 1,932 तोड़फोड़। K/West वार्ड में 11,433 शिकायतें और सिर्फ 1,683 तोड़फोड़।

आरटीआई कार्यकर्ता शकील अहमद शेख के मुताबिक बीएमसी का इमारत और कारखाना विभाग अवैध निर्माण पर कार्रवाई, पुलिस सुरक्षा और दूसरे प्रशासनिक इंतजामों पर हर साल करीब 50 करोड़ रुपये खर्च करता है। उनका दावा है कि हर साल 15,000 से ज्यादा नोटिस जारी होते हैं। तोड़फोड़ का अनुपात बेहद कम है, इसलिए खर्च और नतीजों का हिसाब सामने आना चाहिए। शेख का यह भी आरोप है कि कुछ मामलों में सिर्फ कागजी कार्रवाई या उनके शब्दों में "बोगस एक्शन" हो रहा है।

रिपोर्ट के बाकी आंकड़े इस तरह हैं। नोटिस तैयार हुए 60,332 और जारी हुए 57,521। शो-कॉज ऑर्डर (SO) 31,486 जारी हुए। तोड़फोड़ के इंतजाम 15,318 मामलों में लंबित हैं और 1,387 में किए जा चुके हैं। तोड़फोड़ के बाद 3,428 नोटिस बंद किए गए। कुल 38,098 शिकायतें बंद हुईं और 13,734 शिकायतें बंद होने का इंतजार कर रही हैं।

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