केईएम अस्पताल में 700 ग्राम के समय से पहले जन्मे बच्चे को पांच महीने बाद मिली छुट्टी
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मुंबई के केईएम अस्पताल के मुताबिक 700 ग्राम वजन के साथ पैदा हुआ बच्चा पांच महीने NICU में रहा और 6 नवंबर को 3.3 किलो वजन के साथ घर गया।
मुंबई के परेल में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) द्वारा चलाए जा रहे केईएम अस्पताल के डॉक्टरों ने समय से बहुत पहले पैदा हुए एक लड़के का सफल इलाज किया है। जन्म के समय बच्चे का वजन सिर्फ 700 ग्राम था।
अस्पताल के आधिकारिक बयान के मुताबिक बच्चा पांच महीने तक नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में रहा। उसे 6 नवंबर को छुट्टी दी गई। उस दिन उसका वजन 3.3 किलो था और वह पूरी तरह मां का दूध पी रहा था।
बयान में कहा गया है कि लंबे इलाज के दौरान नवजात को जान के लिए खतरा बनने वाली कई तकलीफों से जूझना पड़ा। उसे गहन चिकित्सा देखभाल और सांस की मदद की जरूरत पड़ी। डॉक्टरों और नर्सों की एक खास टीम लगातार उसकी हालत पर नजर रखती रही और धीरे-धीरे इन तकलीफों पर काबू पाकर उसे ठीक होने में मदद की।
सेठ जी.एस. मेडिकल कॉलेज और केईएम अस्पताल की ओर से जारी बयान के अनुसार बच्चे को पांच महीने तक नवजात की खास देखभाल मिली। छुट्टी के वक्त उसका वजन शुरुआती वजन से 2.6 किलो बढ़ चुका था और वह पूरी तरह मां के दूध पर था।
इलाज की अगुवाई केईएम अस्पताल के नवजात शिशु रोग विभाग की प्रमुख डॉ. Anitha Haribalakrishna ने की। चिकित्सा टीम ने सांस की मदद, लगातार निगरानी और अलग-अलग विभागों के विशेषज्ञों की साझा देखभाल वाला मुश्किल इलाज संभाला। NICU में बच्चे के रहने के दौरान डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ बिस्तर के पास लगातार मदद करते रहे।
अस्पताल ने कहा कि बच्चे की सफल छुट्टी बहुत जल्दी पैदा हुए नवजात के इलाज में एक बड़ी उपलब्धि है। उसके मुताबिक इस नतीजे से उसकी खास नवजात देखभाल सुविधाओं, डॉक्टरी अनुभव और आपस में तालमेल से काम करने वाली मेडिकल टीमों की क्षमता दिखती है।
बयान में यह भी कहा गया कि यह कामयाबी कमजोर नवजात को आधुनिक और संवेदनशील इलाज देने में सरकारी शिक्षण अस्पतालों की भूमिका को भी सामने लाती है।


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