दीपोत्सव विशेष सभी पाठकों को रोशनी के त्योहार की बहुत-बहुत शुभकामनाएं!

रविवार, 8 नवंबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

ओल्ड मंक की महाराष्ट्र में बिक्री फिर शुरू होने की तैयारी, पांच महीने बाद नए लेबल के साथ वापसी

ओल्ड मंक की महाराष्ट्र में बिक्री फिर शुरू होने की तैयारी, पांच महीने बाद नए लेबल के साथ वापसी तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
कारोबार PT24 कारोबार डेस्क

कंपनी ने हाई कोर्ट से याचिका वापस ले ली और लेबल बदलने को राज़ी हो गई है। पांच महीने से ठप बिक्री का रास्ता खुला, राज्य को करीब 350 करोड़ के आबकारी राजस्व का नुकसान हुआ।

महाराष्ट्र में ओल्ड मंक रम की बिक्री जल्द फिर शुरू होने की तैयारी में है। पिछले पांच महीने से यह बिक्री ठप पड़ी थी। अब कंपनी नए लेबल के साथ यह उत्पाद बाजार में उतारने को तैयार है। बोतल के लेबल पर लिखी बातों में बदलाव करने के लिए कंपनी ने रज़ामंदी दी है। मुंबई हाई कोर्ट में लगाई गई याचिका वापस लेने से बिक्री का रास्ता भी साफ हो गया है।

मामला मई महीने का है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खोपोली के कारखाने की जांच की थी। जांच में सामने आया कि ओल्ड मंक बनाने में न्यूट्रल स्पिरिट्स और रम फ्लेवरिंग का इस्तेमाल होता है। इस आधार पर प्राधिकरण ने आपत्ति जताई कि इस उत्पाद को अब सिर्फ रम बताकर नहीं बेचा जा सकता। उसने यह भी कहा कि लेबल पर लिखा "7 इयर्स ओल्ड ब्लेंडेड" वर्णन गलत है, क्योंकि यह मद्य लकड़ी के पीपे में पकाया नहीं गया है। इसी के साथ बिक्री रोक दी गई थी।

FSSAI के नियमों के मुताबिक सिर्फ तय किए गए तकनीकी घटकों से ही फ्लेवर देने की मंजूरी है। लेकिन जांच में दिखा कि ओल्ड मंक बनाते वक्त बाहर से कृत्रिम फ्लेवर मिलाए जाते थे, और यह मद्य "स्टैंडर्ड अल्कोहोलिक ड्रिंक" के नाम से बाजार में बिकता था। सबसे गंभीर बात यह रही कि बोतलों के लेबल पर इस कृत्रिम मिश्रण (आर्टिफिशियल फ्लेवर) का कोई जिक्र नहीं होता था। इसे खुले तौर पर ग्राहकों के साथ धोखा माना गया।

इस फैसले के खिलाफ कंपनी ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने राहत देने से इनकार कर दिया। इसके बाद कंपनी लेबल पर "अतिरिक्त स्वाद" साफ़ और बड़े अक्षरों में छापने और "7 साल पुराना" वाला वर्णन हटाने पर राज़ी हो गई। कंपनी ने 2 नवंबर को अपनी याचिका वापस ले ली थी।

बिक्री बंद रहने से राज्य सरकार को करीब 350 करोड़ के आबकारी राजस्व की चोट पहुंची है। महाराष्ट्र को पिछले साल हर तरह की मद्य बिक्री से 29,957 करोड़ का राजस्व मिला था। अब नई पैकिंग के साथ ओल्ड मंक को बाजार में दोबारा दाखिल होने की राह मिल गई है।

#मुंबई#कारोबार#PT24#Business#Mumbai

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे