मुंबई महापालिका ने 44 निर्माण साइटों को काम रोकने का नोटिस दिया
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मुंबई की बिगड़ती हवा के बीच बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने धूल नियंत्रण और वायु प्रदूषण दिशा-निर्देश तोड़ने वाली निर्माण साइटों पर कार्रवाई तेज की है। अक्टूबर में 44 साइटों को काम रोकने का और 428 को कारण बताओ नोटिस दिया गया।
मुंबई की बिगड़ती हवा को लेकर चिंता बढ़ रही है। इसी बीच बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने धूल नियंत्रण और वायु प्रदूषण दिशा-निर्देश तोड़ने वाली निर्माण साइटों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।
अक्टूबर में पालिका ने तय प्रदूषण-नियंत्रण उपायों का पालन न करने पर 44 निर्माण साइटों को काम रोकने का नोटिस दिया। 428 और साइटों को कारण बताओ नोटिस भेजा गया।
बारिश का मौसम खत्म होने के बाद से मुंबई की हवा खराब हो रही है। धूल और निर्माण से जुड़े कामों की वजह से प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। इसी से निपटने के लिए बीएमसी ने अपने वायु प्रदूषण नियंत्रण दिशा-निर्देशों पर अमल और कड़ा कर दिया है।
पालिका ने 2024 में निर्माण साइटों पर धूल रोकने और वायु प्रदूषण घटाने के लिए 28 उपायों वाले दिशा-निर्देश जारी किए थे। प्रशासन ने सभी संबंधित एजेंसियों और डेवलपरों को इन उपायों को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है।
इसके बावजूद खबर है कि कई साइटें नियम तोड़ती रहीं, जिसके बाद पालिका ने दोषी डेवलपरों पर कार्रवाई शुरू की।
बीएमसी के आंकड़ों के मुताबिक काम रोकने के सबसे ज्यादा नौ नोटिस के-दक्षिण वार्ड में दिए गए। उसके बाद आर-मध्य वार्ड में आठ नोटिस जारी हुए।
कारण बताओ नोटिस में घाटकोपर इलाके वाला एन वार्ड सबसे आगे रहा। इस वार्ड की 105 निर्माण साइटों को वायु प्रदूषण नियंत्रण नियमों के कथित उल्लंघन पर नोटिस दिया गया।
उधर, बीएमसी ने दिवाली से पहले और दिवाली के दौरान सड़कों की धूल से निपटने के लिए विशेष मुहिम भी शुरू की है। इसके तहत सड़कों की सफाई के कामों के लिए हर वार्ड को 15 लाख रुपये दिए गए हैं।
हवा सुधारने की व्यापक कोशिशों के तहत पालिका प्रशासन मुंबई की सड़कों पर नियमित रूप से धूल नियंत्रण के उपाय भी लागू कर रहा है।
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