दिवाली से पहले 4 लाख 15 हजार किसानों का कर्ज माफ, महाराष्ट्र सरकार ने जारी की चौथी सूची
पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमुक्ति योजना 2026 की चौथी सूची आ गई है। अब तक 15 लाख 85 हजार 493 किसानों का कर्ज माफ हो चुका है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
राज्य सरकार की 'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमुक्ति योजना 2026' के तहत पात्र किसानों की कर्जमाफी का काम अब तेज हो गया है। योजना की तीसरी सूची 12 अक्टूबर 2026 को आधिकारिक तौर पर जारी की गई थी। उसके बाद अब चौथी सूची आई है, जिसमें 4 लाख 15 हजार किसानों का कर्ज माफ किया गया है। यानी दिवाली से पहले इतने और किसानों को योजना का फायदा मिलेगा और इनकी सूची भी जारी हो चुकी है।
इससे पहले की तीसरी सूची में राज्य के 3 लाख 51 हजार 192 किसान शामिल थे। अब दिवाली से पहले चौथी सूची आने से बकाया कर्ज वाले किसानों को राहत मिली है। इन 4 लाख 15 हजार किसानों की कर्जमाफी के लिए 4 हजार करोड़ रुपये का प्रस्ताव सहकारिता विभाग ने वित्त विभाग को भेजा है।
राज्य सरकार ने अब तक 25 लाख किसानों में से 15 लाख 85 हजार 493 किसानों का कर्ज माफ किया है। योजना का सबसे ज्यादा फायदा मराठवाड़ा के किसानों को हुआ है, जहां 6 लाख 27 हजार किसानों को लाभ मिला। सरकार अब तक कर्जमाफी के लिए किसानों के खाते में 13 हजार 275 करोड़ रुपये डाल चुकी है।
जिन किसानों ने केवाईसी करा ली है, लेकिन कर्जमाफी का पैसा उन तक नहीं पहुंचा, उन्हें दिवाली से पहले मदद मिलेगी। सूत्रों के मुताबिक अभी 4 लाख 82 हजार किसानों की केवाईसी बाकी है। उधर सूखे की वजह से किसान परेशान हैं। इस साल खेत में न बारिश है, न पानी, न फसल, न कोई सीजन, ऐसी बुरी हालत है। किसानों की मांग है कि ऐसे में सरकार को उनके साथ खड़ा होना चाहिए। इसी पृष्ठभूमि में सरकार ने चौथी सूची जारी की है।
सरकार ने सभी पात्र किसानों से कहा था कि वे अपने कर्ज खाते का बकाया देख लें और जल्दी से जल्दी नजदीकी 'आपके सेवा केंद्र' जाकर आधार प्रमाणीकरण पूरा करा लें, ताकि कर्जमुक्ति का फायदा ले सकें।
योजना के नियमों के मुताबिक 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच बांटे गए, 30 सितंबर 2025 तक बकाया रहे और 31 मार्च 2026 तक न चुकाए गए फसल कर्ज इसमें आते हैं। 2 लाख रुपये तक के बकाया फसल कर्ज के साथ पुनर्गठित और फिर से पुनर्गठित कर्जों को भी पूरी कर्जमुक्ति मिल रही है। 1 अप्रैल 2026 से आगे का ब्याज और दूसरे खर्च पूरी तरह माफ किए जाएंगे।
सरकार ने सूखा पीड़ित किसानों को भी राहत दी है। 1.50 करोड़ किसानों को 5000 रुपये की अग्रिम सूखा मदद देने का फैसला हुआ है। जानकारी है कि इसी हफ्ते किसानों के खाते में पैसे आ जाएंगे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसके आदेश दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक इस पर कुल 7500 करोड़ रुपये खर्च होंगे और यह फैसला आज की कैबिनेट बैठक में लिया गया। मुख्यमंत्री ने बैंकों को साफ आदेश देने का निर्देश भी दिया है कि कोई भी बैंक किसानों के कर्ज के बदले यह रकम नहीं काटेगा।
कैबिनेट बैठक में मंत्रियों ने यह रुख भी रखा कि कर्ज में डूबे किसानों के पीछे अगर फाइनेंस कंपनियां वसूली के लिए पड़ें, तो उन पर केस दर्ज किया जाए। फाइनेंस कंपनियों की मनमानी पर मंत्रियों ने नाराज़गी जताई। जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री ने भी सूखे जैसे हालात में मुश्किल में फंसे किसानों से पैसों के लिए तगादा करने पर सीधे मामला दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।