कैबिनेट बैठक में फंड बंटवारे पर शिंदे गुट के मंत्रियों ने जताई नाराजगी
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में चल रही कैबिनेट बैठक में शिंदे गुट के मंत्रियों ने वित्त विभाग के अधिकारियों की मनमानी का मुद्दा उठाया।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक चल रही है और इसमें कई मुद्दों पर चर्चा हो रही है। सूत्रों के मुताबिक बैठक में एक ऐसा मुद्दा उठ गया, जिसकी उम्मीद शायद किसी ने नहीं की थी। शिंदे गुट के नेताओं ने सीधे मुख्यमंत्री के सामने फंड बंटवारे का सवाल रखा और अपनी नाराजगी जता दी।
सूत्रों ने बताया कि यह नाराजगी अधिकारियों की मनमानी को लेकर है। शिवसेना के मंत्रियों ने मुख्यमंत्री से शिकायत की है कि वित्त विभाग के कुछ अधिकारी दादागिरी कर रहे हैं। शिंदे के मंत्रियों ने सवाल उठाया कि सरकार की तरफ से दिए गए फंड में कटौती करने का हक इन अधिकारियों को आखिर किसने दिया।
सूत्रों की जानकारी के मुताबिक शिंदे गुट के मंत्रियों ने ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी की है। अब सबकी नजर इस पर है कि मुख्यमंत्री इस पर क्या फैसला लेते हैं। यह भी कहा जा रहा है कि इस मुद्दे पर राज्य में दोनों पार्टियों के बीच तनातनी हो सकती है।
इस बैठक में मनोज जरांगे पाटील की सुनाई ऑडियो क्लिप पर भी चर्चा होनी है। संकेत मिल रहे हैं कि कथित ऑडियो क्लिप का मामला बैठक में गूंज सकता है। मराठा आरक्षण आंदोलन से जुड़े मनोज जरांगे पाटील ने यह क्लिप महाराष्ट्र को सुनाई थी, और इसमें गंभीर आरोप लगाए गए थे।
क्लिप में बोलने वाला एक शख्स दावा करता है कि जरांगे को मैनेज करने के लिए भाजपा ने एकनाथ शिंदे को 500 करोड़ रुपये दिए। बताया जा रहा है कि क्लिप में बोलने वाले सभी लोग भाजपा से जुड़े हैं। क्लिप सुनाने के बाद जरांगे ने एकनाथ शिंदे को सीधी चुनौती दी थी कि क्या आपने 500 करोड़ लिए, इसका जवाब दीजिए। उन्होंने यह भी पूछा था कि भाजपा किसका गेम कर रही है, आपका या मेरा।
इस पर एकनाथ शिंदे ने साफ किया था कि उनका इस क्लिप से कोई संबंध नहीं है और उन्होंने 500 करोड़ रुपये नहीं लिए। फिर भी विवाद थमा नहीं। शिंदे गुट के नेता रामदास कदम ने क्लिप को लेकर भाजपा पर हमला बोला। जवाब में भाजपा के नेता प्रवीण दरेकर और प्रसाद लाड ने कदम को जवाब दिया था। इस तरह कथित ऑडियो क्लिप को लेकर भाजपा और शिंदे गुट के बीच खींचतान की तस्वीर बन गई थी।
माना जा रहा है कि उसी का असर आज की कैबिनेट बैठक में दिख सकता है। अब देखना यह है कि शिंदे गुट के मंत्री इस मुद्दे को पकड़े रखते हैं या छोड़ देते हैं।
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