शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026

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दादर में पुस्तक विमोचन के मंच पर फडणवीस, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक साथ दिखे

दादर में पुस्तक विमोचन के मंच पर फडणवीस, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक साथ दिखे तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सियासत PT24 राजनीति डेस्क

दादर में किताब 'हास्यरेषा' के विमोचन पर मुख्यमंत्री फडणवीस, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक मंच पर आए।

महाराष्ट्र की राजनीति में गुरुवार को एक ऐसी तस्वीर दिखी, जिसकी चर्चा अब राज्य से बाहर तक हो रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और मनसे प्रमुख राज ठाकरे एक ही मंच पर साथ नजर आए। कई सालों बाद तीनों नेता एक मंच पर आए, तो कैमरों की क्लिक की बौछार होना तय था। तीनों की तस्वीरें तेजी से कैमरों में कैद हुईं और देश भर के मीडिया में फैल गईं। मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक इस फोटो पर बातें हो रही हैं।

इस तस्वीर को खास अहमियत इसलिए भी मिली कि उसी दिन विधान परिषद चुनाव में हुई हार को लेकर शिंदेसेना और भाजपा के बीच दिन भर आरोप-प्रत्यारोप चलते रहे। शाम को दोनों ठाकरे और फडणवीस एक साथ दिख गए।

मौका था प्रशांत कुलकर्णी की किताब 'हास्यरेषा' के विमोचन का। इसी कार्यक्रम के लिए तीनों नेता दादर के स्वातंत्र्यवीर सावरकर सभागार में जमा हुए। इसलिए सबकी नजर इस कार्यक्रम पर टिकी थी। जो नेता एक-दूसरे पर बरसते रहे हैं, वे एक मंच पर आकर क्या बोलेंगे, कौन किसको चुटकी लेगा और कौन हंसी बिखेरेगा, इस पर महाराष्ट्र की निगाह थी।

एक बात यह भी रही कि दोनों ठाकरे बंधुओं के बीच मेल होने के बाद तीनों नेता पहली बार एक मंच पर आए। इसके अलावा मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ आंदोलन, एमपीएससी के विद्यार्थियों को समर्थन, धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ आंदोलन और कर्जत में पेड़ों की कटाई के विरोध में दोनों ठाकरे बंधुओं ने आवाज उठाई है। इन मुद्दों पर दोनों ने फडणवीस सरकार की खिंचाई की है। सुबह से शिंदेसेना और भाजपा के बीच आरोपों की झड़ी लगी थी, ऐसे में तीनों के साथ आने से चर्चाएं तेज हो गईं। कार्यक्रम से पहले तीनों नेताओं ने बंद दरवाजे के पीछे बातचीत भी की, जिससे चर्चा और गरम हो गई।

फडणवीस ने पहली बार तीनों के साथ आने की बात पकड़कर जमकर चुटकियां लीं। उन्होंने कहा, "हम तीनों को साथ देखकर कुछ लोगों के पेट में दर्द क्यों उठा, पता नहीं। लेकिन हमें एक मंच पर आने पर कोई हैरानी नहीं है। यह महाराष्ट्र की परंपरा है। अलग-अलग पार्टियों के और अलग-अलग विचारधारा वाले नेता एक मंच पर आते रहते हैं। हम साथ हंसी-मजाक कर सकते हैं। साथ चाय भी पी सकते हैं।"

इसी दौरान फडणवीस ने उद्धव ठाकरे पर चुटकी भी ली। उन्होंने कहा, "2019 तक जब भी उद्धवजी मुझे बुलाते थे, मैं जाता था। 2019 के बाद उन्होंने फोन नहीं किया। मैं इंतजार कर रहा था।"

राज ठाकरे ने भी साथ आने की वजह बताई। उन्होंने कहा, "हम तीनों एक मंच पर कैसे आ गए, इस बारे में कुछ लोग सोच रहे होंगे। लेकिन कुछ मंच ऐसे होते हैं, जहां सब एक साथ आते हैं। लोग राजनीति को एक तरफ रखकर साथ आते हैं। ऐसे कार्यक्रमों में राजनीति की जगह कला और संस्कृति की बात होती है। ऐसे मंच पर अलग-अलग विचारधारा के लोगों का साथ आना स्वाभाविक है।"

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