बेंगलुरु से मुंबई के लिए पहली वंदे भारत स्लीपर रवाना, रेल मंत्री वैष्णव ने दिखाई झंडी
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केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार, 1 नवंबर को बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर को रवाना किया। रेगुलर फेरे 2 और 3 नवंबर से शुरू होंगे।
बेंगलुरु और मुंबई के बीच अब रात भर का नया रेल सफर शुरू हो गया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार, 1 नवंबर को बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। यह 16 कोच की ट्रेन है और लंबी दूरी के मुसाफिरों की सुविधा के लिए इसमें बेहतर पैसेंजर सुविधाएं और बेहतर टेक्निकल फीचर्स दिए गए हैं।
पहली सर्विस बेंगलुरु के सर एम विश्वेश्वरैया टर्मिनल (SMVT) से चली। उसे सोमवार सुबह 6.15 बजे मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) पहुंचना है। हरी झंडी के कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी और एच डी कुमारस्वामी, राज्य मंत्री वी सोमन्ना और शोभा करंदलाजे मौजूद थे। सांसद तेजस्वी सूर्या, पी सी मोहन और सी एन मंजूनाथ भी इसमें शामिल हुए।
रेगुलर ऑपरेशन बेंगलुरु से 2 नवंबर को और मुंबई से 3 नवंबर को शुरू होंगे। ट्रेन नंबर 27652 शाम 7.45 बजे SMVT बेंगलुरु से निकलेगी और अगले दिन सुबह 11.55 बजे CSMT मुंबई पहुंचेगी। बेंगलुरु से यह सेवा सोमवार को छोड़कर हफ्ते में छह दिन चलेगी।
उलटी दिशा में ट्रेन नंबर 27651 रात 8.10 बजे CSMT मुंबई से रवाना होगी और अगले दिन दोपहर में SMVT बेंगलुरु पहुंचेगी। मुंबई से यह सेवा मंगलवार को छोड़कर हफ्ते में छह दिन चलेगी। रास्ते में ट्रेन अनंतपुर, गुंटकल, रायचूर, यादगीर, कलबुर्गी, सोलापुर, पुणे और कल्याण स्टेशन पर रुकेगी।
उद्घाटन के बाद वैष्णव ने संवाददाताओं को बताया कि मुसाफिरों के आराम और ऑपरेशन की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए ट्रेन में कई सुधार किए गए हैं। बीच वाली और ऊपर की बर्थ तक पहुंचना आसान बनाने के लिए खास इंतजाम किया गया है। लोको पायलटों के लिए इंजन के केबिन के अंदर अलग शौचालय भी दिया गया है।
मंत्री के मुताबिक सफर के दौरान लगने वाले झटके कम करने के लिए कोचों के बीच उन्नत कपलर लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि पहले के वंदे भारत मॉडल के अनुभव के आधार पर प्रणोदन प्रणाली और बोगी डिजाइन को लगातार अपग्रेड किया जा रहा है।
एक्सेसिबिलिटी को भी प्रायोरिटी के तौर पर रखा गया। बताया गया कि ट्रेन का डिजाइन फाइनल करने से पहले अलग-अलग काबिलियत वाले लोगों से उसे टेस्ट करवाया गया, ताकि पैसेंजर की सुविधा का अंदाजा लग सके। वैष्णव ने आगे कहा कि भारत की वंदे भारत चेयर कार और स्लीपर ट्रेनें इंटरनेशनल स्टैंडर्ड की ओर बढ़ रही हैं। उन्होंने इशारा किया कि देश अगले तीन से चार सालों में वंदे भारत ट्रेनों का एक्सपोर्ट शुरू करने का टारगेट बना रहा है।
उम्मीद है कि इस स्लीपर सर्विस से कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी। साथ ही बेंगलुरु और मुंबई के बीच रात भर सफर करने वालों को एक बेहतर ऑप्शन मिलेगा।
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