शनिवार, 7 नवंबर 2026

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ऐप की गड़बड़ी से परेशान किसानों को राहत, महाराष्ट्र में फसल पंजीकरण अब ई-फेरफार से भी होगा

ऐप की गड़बड़ी से परेशान किसानों को राहत, महाराष्ट्र में फसल पंजीकरण अब ई-फेरफार से भी होगा तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सियासत PT24 राजनीति डेस्क

केंद्र के डिजिटल क्रॉप सर्वे मोबाइल ऐप में तकनीकी दिक्कत झेल रहे करीब 70 लाख किसान अब ई-फेरफार सिस्टम से ऑफलाइन फसल पंजीकरण करा सकेंगे, एक अधिकारी ने बताया।

महाराष्ट्र में केंद्र के डिजिटल क्रॉप सर्वे मोबाइल ऐप में तकनीकी दिक्कतों का सामना कर रहे करीब 70 लाख किसान अब अपनी फसल का पंजीकरण ई-फेरफार सिस्टम के जरिए ऑफलाइन करा सकेंगे। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अधिकारी ने शनिवार, 7 नवंबर को बताया कि राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के निर्देश के बाद राज्य के राजस्व विभाग ने शुक्रवार को एक सरकारी आदेश (GR) जारी किया। इसके तहत जिन जगहों पर चालू खरीफ सीजन में ऑनलाइन पंजीकरण अटका हुआ है, वहां तलाठी स्तर पर फसल की जांच की जा सकेगी।

GR के मुताबिक राज्य में ई-क्रॉप इंस्पेक्शन सिस्टम 15 अगस्त 2021 को शुरू हुआ था। इससे किसान अपने मोबाइल फोन से फसल की जानकारी दर्ज कर सकते थे। इस प्रक्रिया का मकसद फसल पंजीकरण को किसानों की पहुंच में और पारदर्शी बनाना बताया गया है। इसके बाद 1 दिसंबर 2024 को राज्य सरकार ने ऐप में कुछ तकनीकी बदलाव किए, ताकि AgriStack प्लेटफॉर्म के जरिए भी फसल पंजीकरण हो सके।

इसके बावजूद चालू खरीफ सीजन में डिजिटल क्रॉप सर्वे ऐप में दिक्कतें आईं और कुछ इलाकों में ऑनलाइन पंजीकरण मुश्किल हो गया। GR में चार समस्याओं का जिक्र है। पहली यह कि किसान खेत में खुद मौजूद होता है, फिर भी ऐप में असली खेत और ऐप में दिख रही खेत की सीमा के बीच 20 मीटर से ज्यादा का फर्क दिखाई देता है।

बाकी तीन समस्याएं ये हैं: ऐप में नक्शे आपस में बदल गए हैं, पूरे के पूरे गांवों के नक्शे ही नहीं हैं, और ऐप में किसानों के नाम तथा जमीन के खाता नंबर उपलब्ध नहीं हैं।

सरकार ने कहा है कि इन तकनीकी दिक्कतों को सुलझाने की कोशिश के बाद भी जहां ऑनलाइन पंजीकरण मुमकिन नहीं हो पाएगा, वहां चालू खरीफ सीजन के लिए ई-फेरफार सिस्टम से फसल पंजीकरण को विकल्प के तौर पर मंजूरी रहेगी।

इसी बीच राहत एवं पुनर्वसन मंत्री मकरंद जाधव पाटिल ने बताया कि राज्य के 304 सूखा प्रभावित तालुकों के 87.45 लाख से ज्यादा किसानों को गुरुवार तक दिवाली की अग्रिम मदद के रूप में कुल 4,372.83 करोड़ रुपये मिल चुके हैं।

यह मदद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषित की थी। उन्होंने सूखे के हालात में आर्थिक राहत देने के लिए पात्र किसानों को दिवाली से पहले 5,000 रुपये प्रति किसान देने का भरोसा दिया था।

जाधव पाटिल के मुताबिक बाकी पात्र किसानों को पैसा भेजने का काम जारी है। जिन किसानों का भुगतान तकनीकी दिक्कतों की वजह से रुका है, उन्हें समस्या सुलझते ही रकम जारी कर दी जाएगी। मंत्री ने यह भी कहा कि राजस्व, राहत एवं पुनर्वसन और कृषि विभागों ने युद्धस्तर पर काम किया, ताकि मदद सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंचे।

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