महायुति में फिर दरार? शिंदे सेना के नेताओं ने एकनाथ शिंदे से भाजपा की शिकायत की
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शिंदे सेना के नेताओं ने एकनाथ शिंदे से शिकायत की है कि महायुति में उनका दम घोंटा जा रहा है। शिंदे ने चिंता न करने को कहा है।
मनोज जरांगे पाटील ने एक कथित ऑडियो क्लिप महाराष्ट्र को सुनाई थी। उसमें भाजपा के कुछ लोग जरांगे पाटील को मैनेज करने के लिए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को 500 करोड़ रुपये दिए जाने की बात करते दिख रहे हैं। इससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई थी और शिंदे सेना और भाजपा के बीच काफी खींचतान हुई थी। वह विवाद थमा भी नहीं था कि विधान परिषद चुनाव में भाजपा की करारी हार हुई और दोनों दल फिर आमने-सामने आ गए।
अब महायुति में दम घोंटे जाने की शिकायत शिंदे सेना के नेताओं ने एकनाथ शिंदे से की है। यह शिकायत भाजपा के खिलाफ है, इसलिए महायुति में अब भी सब कुछ ठीक नहीं होने की तस्वीर है।
पार्टी के नेताओं का कहना है कि पिछले एक साल से सरकारी कार्यक्रमों में भाजपा शिवसेना के नेताओं को किनारे कर रही है। उन्होंने इसे बेहद गलत बताया और चिंता सीधे एकनाथ शिंदे तक पहुंचाई। इन नेताओं की भावना है कि उनके साथ सौतेला बर्ताव हो रहा है।
संविधान बचाव पदयात्रा, नवी मुंबई एयरपोर्ट पर छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अनावरण, कुलाबा में घरों की चाबी बांटने का कार्यक्रम और वर्षा बंगले पर सूखे की बैठक में शिवसेना नेताओं को किनारे किए जाने से वे नाराज हैं। सूत्रों के मुताबिक शिवसेना के सांसद, विधायक और पार्षदों ने गुस्से में कहा कि गठबंधन में रहकर भी किनारे किया जाना है, तो गठबंधन का फायदा क्या है।
यह संतप्त सवाल भी उठाया गया कि प्रशासनिक अधिकारी उनकी नहीं सुनते और सिर्फ भाजपा के नेताओं की सुनते हैं, तो उन्हें इतना अधिकार किसने दिया।
बताया जा रहा है कि एकनाथ शिंदे ने ये शिकायतें सुन लीं और नेताओं को आश्वासन दिया कि इस पर सही हल निकाला जाएगा, वे चिंता न करें।
पिछले 15 दिनों से शिवसेना और भाजपा आमने-सामने हैं, जिससे महायुति के अंदर बेचैनी सामने आई है। अब सबकी नजर इस पर है कि इसे शांत करने के लिए वरिष्ठ नेता क्या कदम उठाते हैं।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।