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21:55 IST

यूरोपीय यूनियन में बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर नई पाबंदी का प्रस्ताव

यूरोपीय कमीशन ने बच्चों की ऑनलाइन सेफ्टी के लिए नया प्रस्ताव पेश किया है।

यूरोपीय यूनियन में बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर नई पाबंदी का प्रस्ताव
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

यूरोपियन यूनियन में छोटे बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है। यूरोपियन कमिशन की अध्यक्षा उर्सुला वॉन डेर लेयन ने १६ सितंबर २०२६ को 'EU Kids Act' के तहत बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए नए नियमों का ऐलान किया।

इस प्रस्ताव के मुताबिक १३ साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अकेले खुद से एंट्री नहीं मिलेगी। वहीं १३ से १५ साल के बच्चों के लिए पैरेंट्स की निगरानी में सीमित इस्तेमाल की व्यवस्था बनाई जाएगी। हालांकि ये नियम अभी कानून नहीं बने हैं, आगे की प्रोसेस के बाद ही इन पर आखिरी फैसला होगा।

इस प्रस्ताव का मकसद बच्चों को सोशल मीडिया पर मौजूद नुकसानदायक कंटेंट, लत लगाने वाले फीचर्स और अनजान लोगों से होने वाले संपर्क से बचाना है। १३ साल से कम उम्र के बच्चों के लिए अलग सोशल मीडिया अकाउंट पर पाबंदी लगाने की योजना है।

इसकी जगह उम्र के हिसाब से सुरक्षित और बच्चों के लिए बनाई गई डिजिटल सर्विसेज इस्तेमाल करने की व्यवस्था प्रस्तावित है। यूरोपियन कमिशन के प्रस्ताव में सोशल मीडिया कंपनियों को यूजर्स की उम्र वेरिफाई करने की जिम्मेदारी देने पर भी विचार किया जा रहा है।

१३ से १५ साल के बच्चों को सोशल मीडिया इस्तेमाल करने की पूरी आजादी न देकर सीमित सुविधा देने का प्रस्ताव है। इस उम्र के अकाउंट्स पर पैरेंट्स की परमिशन और निगरानी रह सकती है। स्क्रीन टाइम पर लिमिट के साथ-साथ कुछ फीचर्स पर कंट्रोल रखने की भी संभावना है।

१५ साल से ऊपर के किशोरों को सोशल मीडिया इस्तेमाल करने की ज्यादा छूट होगी, लेकिन प्लेटफॉर्म्स को उनकी सेफ्टी के लिए 'safe by design' तरीका अपनाना होगा।

इस प्रस्ताव का असर TikTok, Instagram और YouTube जैसे बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर पड़ सकता है। बच्चों को लगातार स्क्रोल करने पर मजबूर करने वाले डिजाइन तरीकों, आर्टिफिशियल नोटिफिकेशन्स और यूजर्स की एंगेजमेंट बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाले कुछ तरीकों पर भी पाबंदी लगाने पर विचार हो रहा है।

बच्चों की ऑनलाइन सेफ्टी को लेकर यूरोप में पहले से ही बहस चल रही है। अब पूरे EU में एक जैसे नियम लागू करने की कोशिश हो रही है। लेकिन इस प्रस्ताव को यूरोपियन पार्लियामेंट और मेंबर देशों की आगे मंजूरी लेनी होगी। इसलिए असल में नियम कब और किस रूप में लागू होंगे, ये आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही साफ होगा।

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