मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
18:54 IST

यूरोप अपने रणनीतिक भंडार से डीजल बाजार में उतारेगा, कीमतों पर दबाव घटने की उम्मीद

यूरोप में डीजल के बढ़े दामों के दबाव के बीच यूरोपीय देश अपने रणनीतिक भंडार का डीजल बाजार में लाने की तैयारी में हैं।

यूरोप अपने रणनीतिक भंडार से डीजल बाजार में उतारेगा, कीमतों पर दबाव घटने की उम्मीद
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

यूरोप में डीजल के दाम बढ़ने से जो दबाव बना है, उसके बीच एक बड़े फैसले की तैयारी शुरू हो गई है। यूरोपीय देश अपने रणनीतिक भंडार में रखा काफी डीजल बाजार में लाने की तरफ बढ़ गए हैं। इससे बाजार में ईंधन की सप्लाई बढ़ सकती है और डीजल की कीमतों पर दबाव कम हो सकता है।

यूरोपीय देश इमरजेंसी के हालात के लिए बड़ी मात्रा में ईंधन का भंडार रखते हैं। अभी ग्लोबल एनर्जी बाजार में जो तनाव बना हुआ है, उसे देखते हुए इस भंडार का कुछ हिस्सा बाजार में लाने का प्रस्ताव सामने आया है। चर्चा में यूरोप की तरफ से करीब 50 मिलियन बैरल डीजल बाजार में लाने की बात है। इसके साथ ही इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के सदस्यों की तरफ से 50 मिलियन बैरल कच्चा तेल और उपलब्ध कराने की योजना पर भी बात चल रही है।

डीजल की सप्लाई बढ़ी तो यूरोप की रिफाइनरियों, ट्रांसपोर्ट सेक्टर और उद्योगों को कुछ हद तक राहत मिल सकती है। खास बात यह है कि इस फैसले का असर सिर्फ यूरोप तक सीमित नहीं रहेगा, ग्लोबल ईंधन बाजार पर भी इसका असर पड़ने की संभावना है।

पिछले कुछ समय में दुनिया के बाजार में डीजल की सप्लाई घटी है, जिससे कीमतें चढ़ी हैं। मिडिल ईस्ट का संघर्ष, होर्मुज जलडमरूमध्य में आई रुकावटें, रूस की रिफाइनरियों पर हमले और कुछ देशों की तरफ से ईंधन के एक्सपोर्ट पर लगी पाबंदियां, इन सबसे बाजार पर दबाव बढ़ा है।

यूरोप से बड़ी मात्रा में डीजल मिलने पर थोक बाजार में कीमतें नीचे आ सकती हैं। आगे चलकर इसका असर पेट्रोल पंप के दामों पर भी पड़ सकता है। लेकिन दाम कितने घटेंगे, यह इस पर टिका होगा कि भंडार कितनी तेजी से बाजार में लाया जाता है और दुनिया भर की सप्लाई का हाल कैसा रहता है।

इस फैसले को ग्लोबल एनर्जी बाजार के लिए अहम कदम माना जा रहा है। रणनीतिक भंडार बाजार में आने से सप्लाई कुछ समय के लिए बढ़ेगी और ईंधन के दामों में आ रही बढ़त को काबू में करने में मदद मिल सकती है।

अगर यूरोप भंडार का डीजल बाजार में उतारता है, तो अमेरिका और दूसरे देशों पर ईंधन सप्लाई का दबाव भी कुछ कम हो सकता है। फिर भी यह भंडार इमरजेंसी के लिए रखा जाता है। इसलिए आगे की सप्लाई के संकट से निपटने के लिए कितना भंडार बचाकर रखना है, यह यूरोपीय देशों के सामने एक अहम सवाल बना रहेगा।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे