मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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19:31 IST

वॉरेन बफेट के 5 फॉर्मूले, जिनसे शेयर बाजार में नुकसान से बच सकते हैं निवेशक

बर्कशायर हैथवे की कमान पांच दशक से ज्यादा संभालने के बाद पद छोड़ रहे 96 साल के बफेट के निवेश के पांच जरूरी सबक

वॉरेन बफेट के 5 फॉर्मूले, जिनसे शेयर बाजार में नुकसान से बच सकते हैं निवेशक
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

शेयर बाजार को समझने वाले और उसमें पैसा लगाने वाले हर किसी को दुनिया के सबसे मशहूर निवेशकों में शुमार वॉरेन बफेट का नाम पता ही होगा। पांच दशक से ज्यादा समय तक बर्कशायर हैथवे की कमान संभालने के बाद अब वे अपने पद से हट रहे हैं। 96 साल के अरबपति बफेट की कुल संपत्ति करीब 13.89 लाख करोड़ रुपये यानी 144.6 अरब डॉलर बताई जाती है। बफेट को उनकी 'वैल्यू इन्वेस्टिंग' सोच और पैसा बनाने के अपने अनुशासित तरीके के लिए जाना जाता है। इतने लंबे करियर में निवेश को लेकर उन्होंने जो बातें कहीं, वे निवेशकों के बहुत काम की हैं।

बफेट के करियर से निवेशकों को कई कीमती सबक मिलते हैं - लंबे समय की सोच रखो, अनुशासन में रहो, अपनी संपत्ति की पूरी जानकारी रखो और बाजार के थोड़े समय के उतार-चढ़ाव देखकर फैसला लेने से बचो। आइए जानते हैं वे पांच अहम सबक, जो हर निवेशक को वॉरेन बफेट से सीखने चाहिए।

पहला सबक है - बाजार के लालच और डर के आगे न झुकें। बफेट की यह सलाह उनकी सबसे मशहूर शिक्षाओं में से एक मानी जाती है: "जब दूसरे लालची हों, तब आप डरें और जब दूसरे डरे हुए हों, तब आप लालची बनें।" यह बात भीड़ के पीछे भागने के बजाय बाजार के उत्साह और घबराहट, दोनों के उलट चलने की उनकी सोच को दिखाती है।

दूसरा सबक है - सही कीमत पर अच्छा बिजनेस खरीदना। बफेट का निवेश का तरीका हमेशा से सीधा रहा है: "अच्छे बिजनेस को तब खरीदो जब वे सस्ते हों, महंगे होने पर उनसे दूर रहो और सोच-समझकर चुनी गई अपनी होल्डिंग्स में धैर्य रखो।" यही वैल्यू इन्वेस्टिंग की नींव है, जिसकी बदौलत वे कई दशकों से शेयर बाजार से बेहतर रिटर्न दे पाए हैं।

तीसरा सबक है - अपने निवेश में धैर्य रखना। बफेट और चार्ली मंगर ने निवेश में हमेशा "धीमी और मजबूत" चाल अपनाई। बाजार की हर हलचल पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय धैर्य पर ही बफेट का पूरा करियर टिका रहा। रिटायर्ड प्रोफेसर टॉड फिंकेल का कहना है, "ऐसा एक भी दिन नहीं गया जब वॉरेन से सीखी बातों का मेरी निजी या आर्थिक जिंदगी पर अच्छा असर न पड़ा हो।"

चौथा सबक है - यह समझना कि आपके फैसलों पर किसका असर पड़ रहा है। बफेट इस बात पर भी जोर देते हैं कि आपके आसपास के लोग आपकी जिंदगी और फैसलों को आकार देते हैं। उनकी सलाह थी: "आप किन लोगों के साथ रहते हैं, यह बहुत मायने रखता है।"

पांचवां सबक है - ध्यान इस पर लगाओ कि पैसा हमेशा के लिए न डूबे, यानी स्थायी नुकसान से बचने पर फोकस रखना।

बफेट के निवेश के मूल नियम कुछ इस तरह हैं - नियम नंबर एक: कभी पैसा मत गंवाओ। नियम नंबर दो: नियम नंबर एक कभी मत भूलो। इसके अलावा उनका एक मशहूर कथन यह भी है कि जब ज्वार उतरता है, तभी पता चलता है कि कौन बिना कपड़ों के तैर रहा था, यानी मुश्किल वक्त में ही यह जाहिर होता है कि किसने ज्यादा जोखिम उठाया था।

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