वर्धा पुलिस ने दुचाकी चोर को पकड़ा, चार गाड़ियां बरामद
वर्धा शहर पुलिस स्टेशन ने एक्टिवा चोरी के मामले में 21 साल के आरोपी को पकड़ा, पूछताछ में नागपुर और चंद्रपुर में हुई चोरियां भी सामने आईं।
वर्धा में 8 अगस्त 2026 को नालंदा नगर महिला आश्रम के पास से एक होंडा एक्टिवा (क्रमांक एमएच-32-बीयफ-1546, कीमत करीब 60,000 रुपये) चोरी हो गई थी। इस बारे में फरियादी की शिकायत पर पुलिस स्टेशन वर्धा शहर में अपराध क्रमांक 1303/2026 के तहत बीएनएस की धारा 303(2) में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई।
9 सितंबर 2026 को पुलिस स्टेशन वर्धा शहर को मिली गोपनीय जानकारी के आधार पर तलोडी, तहसील सेलू, जिला वर्धा के रहने वाले अनुराग प्रविण धाबर्डे (उम्र 21 साल) को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने न सिर्फ एक्टिवा चोरी की बात कबूल की, बल्कि यह भी बताया कि उसने वर्धा, नागपुर और चंद्रपुर में और भी वाहन चोरी किए हैं।
आरोपी के पास से कुल चार चोरी की गाड़ियां जब्त की गईं, जिनसे कई और मामलों का भी खुलासा हुआ। पुलिस स्टेशन हिंगणा, जिला नागपुर के अपराध क्रमांक 384/26 (धारा 303(2)) में एक होंडा शाइन (एमएच-40-बीएम-1977, कीमत करीब 50,000 रुपये) बरामद हुई। पुलिस स्टेशन राजुरा, जिला चंद्रपुर के अपराध क्रमांक 713/2026 (बीएनएस धारा 303(2)) में एक रॉयल इनफील्ड (एमएच-34-एएस-1120, कीमत करीब 1,50,000 रुपये) मिली। वहीं पुलिस स्टेशन वर्धा शहर के अपराध क्रमांक 1508/26 (बीएनएस धारा 303(2)) में एक हीरो होंडा स्प्लेंडर प्लस (एमएच-32-एस-8869, कीमत करीब 15,000 रुपये) जब्त हुई। इस तरह कुल चार दुचाकी, जिनकी कुल कीमत करीब 2,15,000 रुपये है, बरामद की गई हैं। पुलिस का कहना है कि आगे और चोरियां भी सामने आ सकती हैं।
आरोपी को वर्धा जिला सत्र न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 10 सितंबर 2026 से 11 सितंबर 2026 तक पुलिस कस्टडी रिमांड दिया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी से और चोरी के मामले उजागर हो सकते हैं, और गाड़ियों की खपत कहां हुई तथा इसमें और कौन-कौन साथी शामिल हैं, इसकी जांच जारी है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सौरभकुमार अग्रवाल, वर्धा, अपर पुलिस अधीक्षक सदाशिव वाघमारे, वर्धा, और उपविभागीय पुलिस अधिकारी सुनील महाडिक के मार्गदर्शन में हुई। पुलिस स्टेशन वर्धा शहर के थानेदार नागेशकुमार चतरकर के नेतृत्व में गुन्हे प्रकटीकरण पथक के पुलिस उपनिरीक्षक शरद गायकवाड, पुलिस हवालदार महेंद्र पाटील, पुलिस हवालदार अभिजित वाघमारे, पुलिस शिपाई रंजीत भुरसे और पुलिस शिपाई अमोल साळवण ने यह कार्रवाई की।