मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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19:12 IST

वर्धा के 13 शिक्षक-कर्मचारियों की नियुक्ति की जांच, अक्टूबर से सुनवाई

शालार्थ आयडी मामले की आंच वर्धा जिले तक पहुंची है। नागपुर विभाग के 1,397 कर्मचारियों की नियुक्तियों की जांच होगी, जिनमें वर्धा के 13 शामिल हैं।

वर्धा के 13 शिक्षक-कर्मचारियों की नियुक्ति की जांच, अक्टूबर से सुनवाई
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

शालार्थ आयडी मामले को लेकर राज्य का शिक्षा विभाग पहले से ही चर्चा में है। अब इसकी आंच वर्धा जिले तक पहुंच गई है। जानकारी मिली है कि जिले के 13 शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की नियुक्तियों की जांच की जाएगी। इससे शिक्षा जगत में एक बार फिर हलचल मच गई है।

इससे पहले शालार्थ आयडी मामले की जांच एसआईटी कर रही थी। उसी दौरान वर्धा जिले के 300 से ज्यादा शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के कागजात खंगाले गए थे। खास तौर पर 2014 के बाद नियुक्त हुए कर्मचारियों के दस्तावेजों की पड़ताल की गई। इस प्रक्रिया के बाद अब उन नियुक्तियों पर ध्यान दिया जा रहा है, जिनकी वैयक्तिक मान्यता और शालार्थ आयडी से जुड़ी नस्ती (फाइल) उपलब्ध नहीं है।

नागपुर विभाग में ऐसे कुल 1,397 शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की नियुक्तियों की जांच होनी है। इनमें वर्धा जिले के माध्यमिक विभाग के 10 और प्राथमिक विभाग के 3 शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मचारी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि संबंधित लोगों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया चल रही है।

इन सभी की सुनवाई नागपुर विभागीय शिक्षा मंडल के अध्यक्ष शिवलिंग पटवे लेंगे। सुनवाई अक्टूबर महीने के दूसरे हफ्ते से शुरू होने की संभावना है।

पटवे ने बताया, "वैयक्तिक मान्यता और शालार्थ आयडी की नस्ती उपलब्ध न होने वाले 1397 शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की नियुक्ति की जांच की जाएगी। इसमें वर्धा जिले के 13 शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मचारी शामिल हैं और नोटिस भेजने की प्रक्रिया जारी है। अक्टूबर के दूसरे हफ्ते से सुनवाई शुरू होगी।"

फिलहाल इन 13 लोगों के नाम और वे किस शिक्षण संस्था के स्कूल में काम करते हैं, इसे गोपनीय रखा गया है। संबंधित अधिकारियों ने भी इस बारे में साफ जानकारी नहीं दी है।

यह भी ध्यान रखना होगा कि जांच पूरी होने और नियुक्तियों पर अंतिम फैसला आने तक इन कर्मचारियों पर लगे आरोप या शक को साबित हुआ नहीं माना जा सकता। अब शिक्षा जगत की नजर इस पर है कि सुनवाई में क्या सामने आता है।

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