वर्धा जिले में अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई, 52 मामले उजागर, 17.99 करोड़ का दंड, 49 वाहन जब्त
वर्धा जिले में गौण खनिजों के अवैध उत्खनन और बिना परमिट परिवहन पर लगाम कसने के लिए राजस्व प्रशासन ने जोरदार कार्रवाई शुरू की है। 1 अप्रैल 2026 से 31 अगस्त 2026 तक, यानी पूरे पांच महीने की इस मुहिम में प्रशासन ने अवैध उत्खनन और परिवहन के कुल 52 मामले पकड़े हैं।
इन मामलों में संबंधित लोगों पर कुल 17 करोड़ 99 लाख रुपये का दंड ठोका गया है। हालांकि जितना दंड लगाया गया है, उसके मुकाबले असल वसूली अभी काफी कम है। अब तक सिर्फ 67 लाख 91 हजार रुपये ही वसूल हो पाए हैं, यानी लगाए गए दंड का बड़ा हिस्सा अभी भी बाकी है।
52 मामलों में सबसे ज्यादा मामले रेत के अवैध उत्खनन और ढुलाई से जुड़े निकले हैं। इनमें से 40 मामले सिर्फ रेत के हैं। इसके बाद मुरुम के अवैध उत्खनन और परिवहन के 11 मामले सामने आए हैं, जबकि पत्थर के अवैध उत्खनन का सिर्फ एक मामला दर्ज हुआ है। यानी रेत की अवैध ढुलाई इस मुहिम में सबसे बड़ी समस्या बनकर उभरी है।
इस कार्रवाई में अवैध रूप से गौण खनिज ले जा रहे कुल 49 वाहन जब्त किए गए हैं। इससे जिले में बिना परमिट खनिज ढुलाई करने वालों में हड़कंप मच गया है, क्योंकि प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जांच लगातार जारी रहेगी।
प्रशासन ने सिर्फ दंड लगाकर मामला खत्म नहीं किया, बल्कि कानूनी कार्रवाई भी की है। कुल 31 मामलों में केस दर्ज किए गए हैं और इनमें से 20 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है। यानी हर मामले में सिर्फ जुर्माना नहीं, बल्कि पुलिस कार्रवाई भी हुई है।
अलग-अलग गौण खनिजों पर लगे दंड में भी काफी फर्क देखने को मिला है। रेत के लिए 62 लाख 10 हजार 910 रुपये, मुरुम के लिए 17 करोड़ 36 लाख 23 हजार 367 रुपये और पत्थर के लिए 70 हजार 400 रुपये का दंड तय किया गया है। इससे साफ है कि मुरुम की अवैध खुदाई में लगाया गया दंड बाकी दोनों खनिजों से कहीं ज्यादा है।
जिले में अवैध उत्खनन और परिवहन रोकने के लिए राजस्व प्रशासन की जांच और कार्रवाई की यह मुहिम आगे भी जारी रहने वाली है, ताकि बिना परमिट खनन और ढुलाई करने वालों पर लगातार नजर रखी जा सके।