उपमुख्यमंत्री शिंदे का मुंबई प्लान: सफर 59 मिनट में, 2030 तक 35 लाख घर
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को मुंबई में हुए कार्यक्रम में शहर के विकास का नया आराखडा रखा।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को मुंबई में हुए एक कार्यक्रम में शहर के विकास का नया खाका पेश किया। उन्होंने कहा कि दुनिया के बड़े शहरों में गिनी जाने वाली और देश की आर्थिक राजधानी मुंबई का विकास सिर्फ बड़ी सड़कों, मेट्रो और दूसरे इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उनके मुताबिक इससे आम नागरिकों की जिंदगी भी आसान होनी चाहिए।
शिंदे ने सफर का कम वक्त, रोजगार, घर, खुली जगहें, पर्यावरण की हिफाजत और नई आर्थिक गतिविधियों को मुंबई के भविष्य से जोड़ा। "मुंबई इन मिनिट्स" की सोच के तहत उन्होंने उम्मीद जताई कि सफर के लिए 59 मिनट से ज्यादा वक्त न लगे। ठाणे-बोरिवली ट्विन टनल से सफर का वक्त घटेगा और कारोबार व रोजगार के मौके बढ़ेंगे, यह उम्मीद भी उन्होंने जताई।
घरों के मामले में शिंदे ने "मेरा घर, मेरा हक" की सोच के तहत नई हाउसिंग पॉलिसी का जिक्र किया। इसमें 2030 तक कम आमदनी वाले और जरूरतमंद लोगों के लिए 35 लाख घर बनाने का लक्ष्य है। मकसद यह है कि शहर के कामगारों और दूसरे जरूरतमंद परिवारों को घर आसानी से मिल सकें।
नई डेवलपमेंट प्लान में मुंबई की मौजूदा करीब 453 हेक्टेयर खुली जगहों में 479 हेक्टेयर और जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इससे सार्वजनिक खुली जगहों का दायरा बढ़ेगा। मैंग्रोव की हिफाजत, सीवेज ट्रीटमेंट, बाढ़ पर काबू, हरे इलाकों को बचाने और प्रदूषण घटाने वाले पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर भी जोर दिया गया।
शिंदे ने अटल सेतु, नवी मुंबई एयरपोर्ट, जेएनपीटी और दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को नए विकास केंद्रों से जोड़कर मुंबई महानगर क्षेत्र को फैलाने की योजनाओं की रूपरेखा भी रखी। अटल सेतु के आसपास "तीसरी मुंबई" बसाने की प्रक्रिया का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आगे का विकास सिर्फ दक्षिण, पश्चिम या पूर्व मुंबई तक सीमित नहीं रहेगा। नई नीति के तहत सरकार एक एकीकृत योजना के जरिए ट्रांसपोर्ट, हाउसिंग, कारोबार, माल ढुलाई और रोजगार केंद्र विकसित करने पर ध्यान दे रही है।
रोजगार के मोर्चे पर मुंबई को दुनिया का फिनटेक सेंटर बनाने का लक्ष्य है। बैंकिंग, आईटी, स्टार्टअप, हेल्थकेयर, एंटरटेनमेंट और मैन्युफैक्चरिंग में रोजगार बढ़ाने पर सरकार का फोकस है। फिनटेक, ई-कॉमर्स, हेल्थटेक और डीपटेक जैसे क्षेत्रों में नए उद्योग फैलेंगे तो नौजवानों के लिए रोजगार और कारोबार के मौके बढ़ने की उम्मीद है।