ठाकरे बंधुओं को 'गजनी' कहने पर संजय राऊत का फडणवीस और ओमराजे पर जवाब
शिवसेना (ठाकरे गुट) सांसद संजय राऊत ने मुंबई में मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की 'गजनी' वाली टिप्पणी का जवाब दिया।
मुंबई में ठाकरे बंधुओं के कल निकले मोर्चे पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने टिप्पणी की थी और दोनों भाइयों को 'गजनी' कहा था। इसका जवाब शिवसेना (ठाकरे गुट) के सांसद संजय राऊत ने दिया है। मीडिया से बात करते हुए राऊत ने ब्रिटिश साम्राज्य के आखिरी दौर की मिसाल दी और कहा, "ब्रिटिशों का दिमाग हिल गया था, वैसे ही भाजपा का दिमाग हिल गया है।"
राऊत ने भाजपा, चुनाव आयोग और सत्ताधारियों पर निशाना साधा। उनका दावा है कि मुंबई के मोर्चे में लाखों लोग शामिल हुए थे। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन सिर्फ मुंबई और महाराष्ट्र में नहीं, पूरे देश में चल रहा है।
इसी दौरान राऊत ने सांसद ओमराजे निंबालकर पर भी टिप्पणी की। राऊत ने बताया कि विद्यार्थियों की भीड़ में से 'गद्दार' के नारे लगे थे। इसका हवाला देकर राऊत बोले, "जिन्होंने गद्दारी और बेईमानी की, उन्हें जगह-जगह इसी तरह अपमानित होना पड़ रहा है।" उन्होंने कहा, "एकनाथ शिंदे ने आपको 5-50 करोड़ रुपये दिए होंगे, लेकिन वे आपको प्रतिष्ठा नहीं दे सकते। वे आपको आगे-पीछे पुलिस की दो गाड़ियां दे सकते हैं, मगर प्रतिष्ठा और मान-सम्मान आप खो चुके हैं।"
राऊत ने न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां के बयान का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, "न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां ने चुनाव आयोग पर साफ राय रखी है। उन्होंने कहा है कि अगर करोड़ों नागरिकों ने वोट देने का अधिकार खोया है, तो यह गलत है।" इसके बाद राऊत ने कहा, "अब देवेंद्र फडणवीस भुइयां को भी 'गजनी' कहें।"
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर राऊत बोले, "ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा क्या, अभी बहुत कुछ होना चाहिए।" अमित शाह और सीमा खन्ना पर भी उन्होंने टिप्पणी की और दावा किया, "अमित शाह भूमिगत हैं, सीमा खन्ना भूमिगत हैं।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में राऊत ने भविष्यवाणी की। उन्होंने कहा, "मोदी के राजनीतिक करियर का आखिरी दौर शुरू हो गया है। आगे चलकर मोदी सत्ता में नहीं रहेंगे।"
फडणवीस के बारे में राऊत ने दावा किया, "फडणवीस इस वक्त केंद्र में सबसे ऊंचे पद पर जाने के लिए पाइपलाइन में हैं। लेकिन उन्हें उस पाइपलाइन से बाहर निकलना पड़ेगा। उनकी राजनीति ढलान पर है।" राऊत ने यह भी कहा कि गर्जना मोर्चे को मुंबईकरों और महाराष्ट्र की जनता से जो रिस्पॉन्स मिला, वह देश की भावना है। उनके मुताबिक मुंबई की सड़कों पर जैसा शक्ति प्रदर्शन हुआ, वैसा ही दिल्ली की सड़कों पर भी हो रहा है।